बातें चांद और मंगल की, हकीकत- अब भी उत्तराखंड के 80 से ज्यादा गांवों में नहीं पहुंची बिजली

उत्तराखंड को अलग राज्य बने करीब 16 साल बीत चुके हैं. लेकिन अब भी यहां के 80 से ज्यादा गांव बिजली से वंचित हैं. पावर कॉरपोरेशन का दावा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक महज 37 गांव ही बिना बिजली के बचेंगे.

गौरतलब है कि 9 नवंबर, 2000 को उत्तराखंड एक अलग राज्य के रूप में उभरकर सामने आया. लेकिन उत्तराखंड पॉवर कॉरपोरेशन के आंकडों के मुताबिक राज्य गठन के 16 साल बाद भी 82 गांव बिजली से महरूम हैं.

यूपीसीएल के प्रवक्ता पीसी ध्यानी का दावा है कि हाल ही में 5 और गांव बिजली से जुडे हैं और 5 अन्य गांव अक्टूबर यानी इसी महीने बिजली से रोशन हो जाएंगे. ध्यानी का कहना है कि पहाड़ की विषम परिस्थितियों के चलते इन गांव में बिजली नहीं पहुंच पाई थी, लेकिन उनका दावा है कि चालू वित्त वर्ष में 35 और गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है.

प्रवक्ता का कहना है कि यूपीसीएल इन वंचित गांवों में पावर ग्रिड, सोलर एनर्जी से जोड़कर जल्द से जल्द बिजली से रोशन करने तरफ बढ़ रहा है.