विजयदशमी पर नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत, गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को विजयदशमी के मौके पर नैनीताल पहुंचे. मुख्यमंत्री ने तल्लीताल से मल्लीताल तक रामलीला झांकी व दुर्गा माता डोला के साथ पैदल भम्रण कर जनसम्पर्क किया. उन्होंने झांकी के साथ झोड़ा किया व ढोलक बजाकर आनन्द उठाया. इसके बाद हरीश रावत मोटरसाइकिल से नैनीताल क्लब पहुंचे, जहां पर उन्होंने जनप्रतिधियों व कार्यकर्ता को संबोधित किया.

हरीश रावत ने दुर्गा महोत्सव व विजयदशमी की सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन असत्य पर सत्य की विजय का दिन है. हमें अपनी संस्कृति को संजोह कर रखना होगा. उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से हमारे राज्य की कृषि विकास दर 3 प्रतिशत थी, जो आज बढकर 5.5 प्रतिशत हो गई है.

हम भारत के उन 6 राज्यों मे शामिल हो चुके हैं, जो विकास मे सबसे आगे हैं. हम 13 प्रतिशत वार्षिक विकास दर बनाए हुए हैं. इसे 2017 तक 18 प्रतिशत तक ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि 2014 में हमारी प्रतिव्यक्ति आय मात्र 84 हजार थी, जो आज बढकर 1.73 लाख हो गई है, जो देश की प्रतिव्यक्ति आय के लगभग दोगुनी है.

उन्होंने कहा, हमें सभी को साथ लेकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए समावेशी विकास करना होगा. ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार मिलें. लोग हस्तशिल्प से जुडे और उत्तराखंड का पुराना वैभव साकार हो सके. इसलिए राज्य सरकार हस्तशिल्पियों, कलाकारों, धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले लोगों को आर्थिक विकास हेतु पेंशन दे रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस साल 1000 कि.मी. नई सडकों का निर्माण किया जा रहा है. राज्य में 2017 तक 24 घंटे बिजली दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को 25 हजार सीडमनी के रूप में दी जाएगी. साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री का विपणन हेतु जिलाधिकारियों द्वारा साप्ताहिक हाट बाजारों का आयोजन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं को स्थानीय बाजार मिल सके.

पहाड़ी क्षेत्रों में ईको टूरिज्म, हस्तशिल्प, जैविक खेती, फल, दालें आदि उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनाकर पलायन को रोके जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. सभी प्रकार के भूमि के वर्गों को एक समान कर विनियमितीकरण किया जाएगा. मलिन बस्तियों का भी विनियमितीकरण किया जाएगा, साथ ही जनआवास के तहत 35 हजार गरीबों को घर भी आवंटित किए जाएंगे.

उत्तराखंड में लगभग 7 लाख 13 हजार गरीब पात्र लोगों को समाज कल्याण द्वारा पेंशन दी जा रही है, पेंशन धनराशि 800 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है. उन्होंने कहा कि 2017 तक 10 लाख पात्र लोगों को पेंशन देने का लक्ष्य रखा गया है. उत्तराखंड में पेंशन धनराशि सर्वाधिक है. उन्होंने कहा जगरिया, डंगरिया, कलाकार, सगुन आंखर वालों के साथ ही बौना लोगों को भी पेंशन लागू कर दी गई है.

मुख्यमंत्री को भारतीय मजदूर संघ, बाल्मीकि समाज, विद्यालय कर्मचारी संगठन, होटल कर्मचारी संगठन, बार ऐसोशिऐशन, एनएसयूआई, खुर्पाताल न्याय पंचायत, रामसेवक सभा, रामलीता कमेटी तल्लीताल, ग्राम प्रधान संगठन, कोटाबाग, कालाढुंगी, बगड़ के जनप्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन दिए गए. मुख्यमंत्री लौटते वक्त फ्लैट्स मैदान गए. जहां पर उन्होंने दुर्गा महोत्सव में लगी दुकानों व रावण के पुतलों का अवलोकन किया.

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