नैनीताल का रावण दहन होगा खास, एकता की मिशाल भी पेश कर रहा

समाज में धार्मिक एकता और आपसी सौहार्द के कई उदाहरण देखने को मिलते हैं. नैनीताल में विजयदशमी के लिए रावण का पुतला बनाने वाले कारीगर ऐसा ही कुछ उदाहरण पेश कर रहे हैं.

नैनीताल के डीएसए मैदान में जलाए जाने वाला रावण इस बार खास होगा. पुतले के साथ गदा पर लगा छत्र आतिशबाजी के जरिए इस बार घूमेगा. इन सब बातों के आलावा एक और खास बात है जो सामाजिक और धार्मिक एकता का अद्भुत उदाहरण है.

उत्तर प्रदेश के अमरोहा से आए मुस्लिम कारीगार ने अपने परिवार सहित रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला बनाए हैं. पुतला बनाने वाले कारीगर असलम का कहना है कि मजहब हमें बैर रखना नहीं सिखाता लिहाजा उनका पूरा परिवार हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण का पुतला बनाता है.

रामसेवक सभा की ओर से नैनीताल में विजयदशमी के मौके पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और नैनीताल का ये कार्यक्रम इसलिए भी खास हो जाता है. क्योंकि असलम जैसे कारीगर आपसी सदभाव का भी संदेश दे रहे हैं.