चारों धामों के कपाट बंद होने की तारीखें घोषित, एक को केदारनाथ और 16 नवंबर को बद्रीनाथ के अंतिम दर्शन

चमोली जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट अगले महीने की 16 तारीख को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे. दशहरे के पावन पर्व पर मंगलवार को बद्रीनाथ धाम परिसर में आयोजित पारंपरिक समारोह में शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला गया.

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि मंदिर के कपाट 16 नवंबर को दोपहर 3:45 पर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

बद्रीनाथ के अलावा अन्य तीन धामों के कपाटों के बंद होने की तिथि भी निश्चित हो चुकी है. रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम और उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री के कपाट जहां दीवाली के बाद भैयादूज पर बंद होंगे. वहीं, उत्तरकाशी जिले में ही स्थित एक अन्य धाम गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन अन्नकूट पर्व पर बंद कर दिए जाएंगे.

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित बद्रीनाथ सहित सभी चारों धामों के शीतकाल के दौरान भारी बर्फबारी के कारण भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल अप्रैल-मई में फिर खोल दिए जाते हैं.

अप्रैल-मई से अक्टूबर-नवंबर के छह माह के यात्रा सीजन के दौरान देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री और पर्यटक इन धामों के दर्शन के लिए आते हैं. चार धाम यात्रा को गढ़वाल क्षेत्र की आर्थिकी की रीढ़ माना जाता है.

हालांकि, साल 2013 में आयी प्राकृतिक आपदा के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई, लेकिन इस साल इस यात्रा की रौनक काफी हद तक लौट आयी है. सरकारी आंकडों के अनुसार, अब तक चारधामों और हेमकुंड साहिब में 14 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आ चुके हैं.