सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए किशोर उपाध्याय ने मनोहर पर्रिकर को पत्र लिखा

उत्तराखंड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चीफ किशोर उपाध्याय ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को पत्र लिखकर भाजपा नेताओं की ओर से भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण करने पर अपनी आपत्ति दर्ज की है.

किशोर उपाध्याय ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के नौजवानों का देश की रक्षा में अभूतपूर्व योगदान रहा है और प्रथम विक्टोरिया क्रास भी उत्तराखंड के अमर शहीद वीर गब्बर सिंह नेगी को मिला था.

जब भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए बलिदान की आवश्यकता होती है तो पहली रक्त की बूंद धरती पर उत्तराखंड के सपूत की गिरती है. देश की रक्षा सेनाओं के गौरवशाली इतिहास में आप देखेंगे तो उसमें आपको इस तरह के कई मील के पत्थर मिल जाएंगे.

उपाध्याय ने कहा कि उरी की दुःखद घटना और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के उपरान्त देशभर में जिस तरह का माहौल भाजपा की ओर से बनाया गया उससे लोगों के मन में अनेकानेक संशय पैदा हो गए हैं.

भारतवासी यह समझते थे कि नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री और आप पूरे देश के रक्षा मंत्री हैं, लेकिन आप दोनों की कार्यशैली से ऐसा लगा जैसे आप दोनों भारत के नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री हैं.

उत्तराखंड में शायद ही ऐसा कोई घर होगा जिस पर देश की रक्षा के लिए शहीद होने वाले सैनिकों और अर्द्ध सैनिक बलों के शहीदों की शहादत का असर ना पड़ा हो और हम सबको उस पर गौरव भी है, क्योंकि देवभूमि हमेशा बिना भेदभाव के शहादत देने का ही काम करती है किसी से कभी कुछ नहीं लेती है.

उन्होंने रक्षा मंत्री को याद दिलाते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के समय भी यहां के वीर सैनिकों का देश की सीमाओं की रक्षा में बलिदान का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है. उस समय शहीदों के पवित्र शरीरों को लाने वाले ताबूतों पर भी दलाली का साया पड़ा था.

भाजपा जिस तरह का माहौल देश और उत्तराखंड में बना रही है वह अत्यंत चिन्ताजनक है और कांग्रेस को रक्षा सेनाओं के मामले में कटघरे में खड़ा करने का काम कर रही है, जो कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का कुत्सित प्रयास है.
कांग्रेस ने हमेशा रक्षा सेनाओं का सम्मान किया है और जब इन घटनाओं पर राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश की गई तब हमने जरूर आलोचना की है. देश और उत्तराखंड का जनमानस आज आपसे जानना चाहता है कि क्या यह सर्जिकल स्ट्राइक उरी घटना से पहले नहीं हो सकती थी, यदि उससे पहले सर्जिकल स्ट्राइक होती तो हमारे 18 सैनिक शहीद होने से बच सकते थे?

क्या भारतीय जनता पार्टी और उसके अनुषांगिक संगठनों ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को सम्पन्न करवाया? भाजपा के नेताओं के पास पूरे देश में श्रेय लेने और अपने गलों में हार पहनने की होड़ मची हुई है, और आप स्वयं भी इस तरह के कार्यक्रमों की शोभा बढ़ा रहे हैं, लेकिन न तो हमारे प्रधानमंत्री और ना ही आपको उन परिवारों की सुध लेने का समय है जिन्होंने उरी की घटना में अपने परिजनों को खोया है. देश में इससे पहले भी इस प्रकार के कई सर्जिकल स्ट्राइक हुए किन्तु उनका इस प्रकार राजनीतिकरण और प्रचार-प्रसार नहीं हुआ.