भारी बारिश और बादल फटने से उत्तराखंड में 778 करोड़ का नुकसान, केंद्र ने आंकलन को सही बताया

उत्तराखंड में मानसून के दौरान भारी बारिश और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का जायजा लेने आए केंद्र सरकार के दल ने राज्य में 778 करोड रुपये के आंकलन पर सहमति व्यक्त की है. केंद्रीय दल ने इस संबंध में जल्द ही अपनी संस्तुति गृह मंत्रालय को देने का आश्वासन दिया है.

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सतपाल चौहान के नेतृत्व में आए छह सदस्यीय केंद्रीय दल ने बारिश से प्रभावित उत्तराखंड के छह जिलों उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर व पिथौरागढ़ में स्थलीय निरीक्षण कर लौटने के बाद शनिवार देर रात मुख्यमंत्री हरीश रावत से भेंट के दौरान यह आश्वासन दिया.

रविवार को अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, दल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उसने स्थलीय निरीक्षण के दौरान इन जिलों के प्रभावित परिवारों, जिलाधिकारियों, ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों व आम जनता से भी मुलाकात की और नुकसान का जायजा लिया.

इस दौरान केन्द्रीय दल द्वारा प्राकृतिक आपदा से राज्य में हुए 778 करोड़ रुपये के नुकसान के आकलन पर सहमति व्यक्त की और कहा कि वह शीघ्र अपनी संस्तुति गृह मंत्रालय को सौंपेगा. मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य में बादल फटने की घटनाएं बढ़ना हमारे लिए चिन्ता का विषय है, जिससे नुकसान हो रहा है.

उन्होंने कहा कि राज्य में बरसात के दौरान व इसके बाद चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से संचालन की चुनौती रहती है और राज्य में इस बार भी तहस-नहस हो गए कई गांवों के पुर्नवास की भी चिन्ता है.