शरद पवार ने सर्जिकल स्ट्राइक पर मोदी सरकार की तारीफ की, सबूत मांगने वालों को बताया मूर्ख

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना के सर्जिक स्ट्राइक को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन किया और गुरुवार को कहा कि आतंकवादियों व आतंक फैलाने वालों को सबक सिखाना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय में भी इस तरह की कार्रवाई की गई थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उनका प्रचार नहीं किया. पूर्व रक्षा मंत्री ने सेना की कार्रवाई के सबूत मांगने वालों की भी निंदा की और कहा कि वे ‘मूर्ख और बहुत गैरजिम्मेदार’ हैं.

पवार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘आतंकवादियों और आतंक फैलाने वालों को सबक सिखाने के लिए (नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमले करने का) सरकार और भारतीय सेना का फैसला पूरी तरह से सही था.’ हालांकि उन्होंने कहा कि सेना के अभियान के बारे में बात करना राष्ट्रहित में नहीं होगा.

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेताओं पी. चिदंबरम तथा संजय निरूपम ने सेना के अभियान के दावे के समर्थन में सबूत मांगे थे.

इससे पहले पवार ने एक पार्टी सम्मेलन में कहा, ‘जब हम (UPA) सत्ता में थे तो (नियंत्रण रेखा के पार) चार सर्जिकल स्ट्राइक किए गए. हालांकि हमने इनका प्रचार नहीं किया.’ पवार ने सर्जिकल स्ट्राइक पर मोदी सरकार को बधाई तो दी, लेकिन सेना के अभियान को सार्वजनिक करने पर आपत्ति भी जताई.

उन्होंने पार्टी के एक सम्मेलन में कहा, ‘कुछ चीजों को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने म्यांमार में सर्जिकल स्ट्राइक किए, लेकिन हमारा अभियान सीमित था और हमने इसका फायदा उठाने की कभी कोशिश नहीं की.’

पीएम मोदी द्वारा अपनी कैबिनेट के सहयोगियों से हमलों को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं होने के लिए कहने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि बीजेपी नेताओं को (सेना के अभियान को लेकर) बयान देने से बचना चाहिए.