हरिद्वार : नामधारी से दो घंटे तक हुई पूछताछ, कईयों के नाम उगले | बीजेपी की पेशानी पर बल

निर्मल विरक्त कुटिया को कब्जाने की कोशिश के आरोपी राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी से गुरुवार को हरिद्वार जिला जेल में दो घंटे तक पूछताछ की गई.

नामधारी ने कभी अपने साथी रहे प्रवीण यादव से अब कोई वास्ता नहीं होने की बात की है और यह भी कहा कि उसने कुटिया की संपत्ति को खुर्द बुर्द नहीं होने दिया था. नामधारी ने बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं से भी अपने संबंध कबूल किए हैं.

दिल्ली की तिहाड़ जेल से नामधारी को बी. वारंट पर हरिद्वार की कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट ने नामधारी को तीन दिन हरिद्वार जेल में शिफ्ट कर उससे पूछताछ करने के आदेश दिए थे. मंगलवार से हरिद्वार जेल में कैद नामधारी से पूछताछ करने के लिए पर्यवेक्षक अनुज सिंह पुलिस टीम के साथ जेल पहुंचे.

करीब दो घंटे तक पुलिस ने नामधारी से निर्मल विरक्त कुटिया के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई. पुलिस सूत्रों के अनुसार नामधारी का यह भी कहना था कि उसी के दखल के कारण संपत्ति खुर्द-बुर्द नहीं हो पाई. न ही उसने कोई बैनामा कुटिया की भूमि का किया है, बल्कि प्रवीण यादव ने ही बैनामे किए हैं. अब प्रवीण यादव से उसका कोई लेना देना नहीं है. पर्यवेक्षक अनुज सिंह ने इतना बताया कि नामधारी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं.

क्या है पूरा मामला
साल 2009 में निर्मल विरक्त कुटिया के प्रबंधक रहे दिवंगत भगवंत सिंह ने इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर कनखल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. आरोप था कि नामधारी, प्रवीण यादव, हरविंदर सहित अन्य आरोपियों ने उनका फर्जी त्यागपत्र तैयार करके एक नया ट्रस्ट बनाया था और उसे बाकायदा पंजीकृत भी करा लिया था.

2011 में इस मुकदमे में चार्जशीट तैयार हुई, लेकिन तब एसएसपी रहे केवल खुराना ने चार्जशीट रोक दी. फिर जांच हुई और चार्जशीट को एफआईआर में बदल दिया गया. साल 2013 में एसएसपी रहे अरुण मोहन जोशी ने कोर्ट के आदेश पर एक बार फिर से फाइल खोली, जो अब तक खुली हुई है और अब गिरफ्तारियों का दौर जारी है.