विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और सरकार को फिर से ‘लोकायुक्त’ की याद आ ही गई

उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य सराकर ने लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए फिर से फाइल राजभवन को भेज दी है. यानी लोकायुक्त की नियुक्ति की लेकर फिर से गेंद राज्यपाल केके पॉल के पाले में पहुंच गई है.

चुनाव का समय है, ऐसे में लोकायुक्त की प्रक्रिया को फिर से पूरा करने का सरकार के पास समय नहीं है. कहा जा रहा है कि राजभवन द्वारा पहले लगाई गई आपत्तियों का निस्तारण करके दोबारा राजभवन फाइल भेजी गई है. अब राज्यपाल के फैसले का ही इंतजार रहेगा.

पिछले महीने राज्यपाल ने लोकायुक्त नियुक्ति के पैनल की फाइल पर आपत्ति लगाई थी. उन्होंने यह कहकर सरकार को फाइल वापस कर दी थी कि लोकायुक्त चयन कमेटी की प्रक्रिया दोबारा से की जाए. लेकिन चयन कमेटी की प्रक्रिया नए सिरे से करने के लिए सरकार को करीब 3 महीने का समय चाहिए था. जोकि सरकार के पास अब नहीं बचा है, ऐसे में सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त के गठन का संदेश भी देना था.

सरकार के पास अब समय कम है और अब दोबारा फाइल राजभवन भेजी गई है. सरकार में वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश का कहना है कि राज्यपाल की आपत्तियों का निस्तारण करते हुए फाइल दोबारा राजभवन भेजी गई है और राज्यपाल से लोकायुक्त की नियुक्ति का अनुरोध किया गया है. इंदिरा हृदयेश का कहना है कि राज्यपाल की आपत्तियों पर जो संशोधन हो सकता था, वह कर दिया गया है.