पार्टी की नैया पार लगाने की बजाय अपनी दावेदारी पेश करने में जुटे बीजेपी नेता, नेतृत्व चिंतित

भारतीय जनता पार्टी में महत्वपूर्ण पद संभाल रहे तमाम पदाधिकारी आगामी विधानसभा चुनाव में मैदान उतरने को तैयार हैं. ये नेता अलग-अलग फोरम पर विधायकी की दावेदारी जता रहे हैं. अपने-अपने पसंदीदा विधानसभा क्षेत्रों में उनकी सक्रियता से यह बात जाहिर भी हो रही है और इस पूरी सुगबुगाहट से पार्टी नेतृत्व काफी चिंतित है.

बीजेपी संगठन में जिलों से लेकर प्रदेश इकाई तक और विभिन्न मोर्चों के कई प्रमुख पदाधिकारी अपनी दावेदारी पक्की करने की रणनीति में जुटे हैं. जबकि बीजेपी के रणनीतिकारों का इस बात पर जोर है कि संगठन में दायित्व संभाल रहे नेताओं को कमांडर की भूमिका में होना चाहिए.

उन्हें अपनी दावेदारी की बजाय पूरे राज्य में विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चे पर डटना चाहिए. तभी पार्टी को पूर्ण बहुमत दिलाने की राह आसान हो पाएगी. बीजेपी के जो पदाधिकारी विधायकी की दावेदारी जता रहे हैं, उनमें कुछ के नाम अब खुलकर सामने आने भी लगे हैं.

इसमें प्रदेश महामंत्री खजानदास दून की राजपुर (सुरक्षित) सीट, प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल कैंट विधानसभा सीट, हरिद्वार जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर ज्वालापुर, प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान विकासनगर पर जोर आजमाइश करते दिख रहे हैं.

इसी तरह, अस्थायी राजधानी देहरादून महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल धर्मपुर सीट, पछुवादून जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता विकासनगर और परवादून जिलाध्यक्ष जितेंद्र नेगी डोईवाला सीट पर दावेदारी जता रहे हैं. महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलम सहगल भी कैंट विधानसभा को लेकर खासी सक्रिय दिख रही हैं.