प्रदेश कार्यसमिति में अलग ही अंदाज में दिखे भगत दा, गर्मी भी दिखाई और पाठ भी पढ़ाया

‘राजनीति में आने वाला व्यक्ति योगी तो होता नहीं है अब तो योगी भी राजनीति में आने लगे हैं. हमारे सतपाल महाराज भी राजनीति में उतर आए हैं.’ पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने भले ही यह बातें किसी और परिप्रेक्ष्य में कही हों, पर लोग इस बयान को महाराज से उनकी अदावत से जोड़कर देख रहे हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री के निशाने पर अकेले महाराज ही नहीं रहे, उन्होंने प्रदेश बीजेपी चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा और प्रदेश संगठन प्रभारी संजय कुमार को भी नहीं बख्शा. नाराजगी को लेकर उनके खिलाफ पार्टी में जारी बयानबाजी करने वालों को भी उन्होंने बिना नाम लिए खूब खरी-खोटी सुनाई.

उन्होंने अपनी नाराजगी को लेकर सफाई देते हुए कहा कि मैं पार्टी की दो बैठकों में नहीं गया, तो कहा जाने लगा कि मैं नाराज हूं. क्या भगत सिंह कोश्यारी के नाराज होने से कोई फर्क पड़ने वाला है? कुछ लोगों को ऐसी बातों में मजा आता है. नड्डा की ओर इशारा करते हुए भगतदा बोले कि यहां मौजूद लोगों को शपथ दिलाइए कि पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम नहीं करेंगे, वरना 2012 जैसी स्थिति फिर आ सकती है.

कोश्यारी ने कहा कि राज्य में बीजेपी के पक्ष में माहौल है और आम आदमी से लेकर पार्टी कार्यकर्ता भी राज्य में बीजेपी सरकार चाहता है. पर हम सिर्फ चाह रहे हैं, इस दिशा में कर कुछ नहीं रहे हैं. तभी वह बोले कि विधायकों में कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता से लेकर पदाधिकारियों को उनकी सार्वजनिक रूप से आलोचना करने से बाज आना चाहिए.

अरे भाई राजनीति में आने वाला व्यक्ति योगी तो होता नहीं है. इसके बाद उन्होंने कहा कि लोग उनकी नाराजगी की बेबुनियाद बातें फैलाकर मजा ले रहे हैं. पर इन लोगों को इलेक्शन के बाद मजा आ जाएगा. नड्डा की ओर मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी के बारे में कभी बुरा नहीं सोचा है.

बातों ही बातों में उन्होंने कहा कि जब मैं यहां आया तो नड्डा जी कह रहे थे कि आप से स्पेशल बात करनी है. अरे बात करनी है तो प्रदेश संगठन मंत्री से करो. यहां उनका इशारा प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कुमार की ओर था.

कोश्यारी ने बातों ही बातों में कहा कि भगवान शंकर के त्रिशुल के बारे में बारे कहा जाता है कि उसमें तीन ब्रह्मास्त्र हैं. ठीक उसी तरह हमारे पास भी तीन ब्रह्मास्त्र प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, केंद्र में मंत्री अजय टम्टा और प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि तीनों युवा हैं.

हालांकि इस दौरान उन्होंने कहा कि कई बार भोले शंकर भस्मासुर को भी वरदान दे देते हैं. जब तक उनकी इस बात का लोग मतलब निकालते तब तक भगतदा ने बात दूसरी ओर मोड़ दी.

वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर उन्होंने कहा कि दो सांसदों वाली पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी आडवाणी ने ही बनाया था, लेकिन जब जनता ने मोदी चाहिए मोदी चाहिए की आवाज दी तो आडवाणी जी पीछे हट गए.

उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ना चाहिए. मेरी तो यही कामना है कि अजय टम्टा केंद्र में कैबिनेट मंत्री बनें और अजय भट्ट जी आगे बढ़ों. कोश्यारी के इस बयान को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी की टीस बाहर आ गई. उन्होंने कहा कि अब राजनीति में ट्रस्ट खत्म हो गया है और टेस्ट का समय आ गया है. यही कारण है कि पार्टी के पदाधिकारी ही एक-दूसरे के खिलाफ अभियान चलाने में लगे हैं.

कार्यसमिति की बैठक में संबोधन आरंभ करते ही भूमिका बनाने के बाद कोश्यारी ने बातों-बातों में मंच से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नडडा से सवाल किया कि आपने पंडित दीनदयाल को देखा है क्या? इस पर नड्डा बोले नहीं. कोश्यारी ने कहा कि मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है.

कोश्यारी जब बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे तो कई लोग बातें कर रहे थे. उन्होंने बीच-बीच में बात करने वालों को डांट भी लगाई. बात करने वालों का नाम लेकर कहा कि मैं बहुत दूर तक देखता हूं, बात करोगे तो मेरा दिमाग खराब हो जाएगा.