कार्यभार ग्रहण करने के 12 घण्टे बाद ही आयुक्त डी सैंथिल पांडियन ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय में की छापेमारी

कार्यभार ग्रहण करने के 12 घण्टे के बाद ही तेजतर्रार युवा आयुक्त डी सैंथिल पांडियन द्वारा मंगलवार को सुशीला तिवारी चिकित्सालय में लगभगत 04 घण्टे की छापेमारी कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होनें अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों से बात कर चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। अनेक तीमारदारों ने आयुक्त को बताया कि एमरजेन्सी में तैनात कार्यरत जूनियर डाक्टर्स का व्यवहार काफी आपत्तिजनक होता है, यहाँ तक कि वह आने वाले मरीजों न तो ढंग से देखते है और न ही उचित सलाह देते हैं। आयुक्त द्वारा अस्पताल के दवा वितरण काउन्टर, पर्ची काउन्टर, बर्न यूनिट, डेंगू वार्ड, ओपीडी, ईएनटी, सिटी स्कैन, एमआरआई, गाइनो वार्ड आदि का बारीकी से निरीक्षण एवं अध्ययन किया।

आयुक्त के औचक निरीक्षण को लेकर अस्पताल प्रशासन एवं मेडिकल काॅलिज प्रशासन में हडकम्प मचा रहा। हर कोई अपने को आयुक्त की नजर में बेहतर सिद्ध करने की कोशिश में था। आयुक्त श्री पांडियन ने नसीहत देते हुए कहा कि कुमायूं के प्रवेश द्वार पर स्थापित यह चिकित्सालय जन सेवा की भावना से कार्य करे। उन्होनें कहा कि सरकार ने इस चिकित्सालय की स्थापना इस उद्देश्य से की है कि कुमायूं मण्डल के पर्वतीय क्षेत्रों के गरीब लोगों के साथ ही अन्य प्रदेशों से आने वाले गरीब लोगों का इलाज हो और गरीब लोग राहत महसूस करें।

लेकिन संदेश यह है कि यहाँ का स्टाॅफ जन सेवा की भावना से कार्य नहीं कर रहा है। लोगों में संदेश है कि यह चिकित्सालय केवल रैफर सेन्टर बनकर रह गया है। इस छवि को सुधारने के लिए सभी को संयुक्त प्रयास करने होंगे, ताकि गरीब तबका यहाँ आकर राहत महसूस करें। उन्होनें चिकित्सालय के डाक्टरों एवं स्टाफ को नसीहत देते हुए कहा कि हमें किसी के साथ गलत व्यवहार करने का कोई लाइसेन्स नहीं मिला है।

उन्होनें रैड क्रास के सचिव तथा अस्पताल प्रबन्धन को निर्देश दिये कि वह 15 दिन के भीतर जैनरिक मेडिसन का काउन्टर सक्रिय करें तथा सभी चिकित्सक मरीजों को अनिवार्य रूप से जैनरिक मैडिसन ही लिखें। उन्होनें बताया कि जैनरिक मेडिसन का मूल्य अन्य दवाईयों की अपेक्षा काफी कम होता है। इससे गरीबों को काफी राहत मिलेगी।

आयुक्त ने चिकित्सालय प्रबन्धन को आदेश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं के इलाज, उनकी दवाईयां, उनका भोजन, उनके आने-जाने का व्यय सरकार ने निःशुल्क कर रखा है। लिहाजा चिकित्सालय में आने वाली सभी महिलाओं को निःशुल्क सुविधाएं दी जायें। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों के लिए जो चिकित्सा सुविधाएं, चिकित्सा बीमा व टीकाकरण, संक्रामक रोगों से बचाव सम्बन्धित जो सूचनाएं एवं प्रचार साहित्य है, उसे निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य से प्राप्त कर 24 घण्टे के अन्दर चिकित्सालय के सार्वजनिक स्थानों एवं वार्डों में डिस्पले किया जाये। इसके साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के नम्बर भी डिस्पले किये जायें। उन्होनें बताया कि वह 15 दिन बाद फिर अस्पताल का मुआयना करेंगे और दिये गये आदेशों की समीक्षा भी करेंगे। उनके द्वारा चिकित्सालय का औचक निरीक्षण भी किया जायेगा।
निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह, उप जिलाधिकारी एपी वाजपेई, डा0 आशुतोष स्याना, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज चन्द्रप्रकाश, पीआरओ आलोक उप्रेती आदि मौजूद थे।