देहरादून : महापौर विनोद चमोली ने रखी शीशमबाड़ा वेस्ट प्लांट की आधारशिला, ग्रामीणों ने विरोध में पत्थर फेंके

करीब डेढ़-दो हजार लोगों की भीड़, पथराव व अतिथियों पर हमले के बीच अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित शीशमबाड़ा में सोमवार को बहुप्रतीक्षित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं रिसाइक्लिंग प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला रख दी गई. वहीं, राज्य सरकार ने पूरी तरह से इस कार्यक्रम से कन्नी काटे रखी.

ऐसे में महापौर विनोद चमोली ने भीड़ की परवाह किए बगैर और खुद पर हुए पथराव के बावजूद प्लांट का शिलान्यास कर भूमि-पूजन किया. उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज भी करना पड़ा, लेकिन वे नहीं माने और सड़क पर डटे रहे. प्रदर्शन में शामिल एक ग्रामीण की हार्ट फेल होने से मौत भी हो गई. इसके बाद अफवाह फैल गई कि लाठीचार्ज के कारण मौत हुई है, जिससे भीड़ और उग्र हो गई.

प्लांट के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तो पहले ही कन्नी काट ली थी, लेकिन रविवार देर रात उन्होंने गढ़वाल दौरे पर गए नगर विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार को वापस बुलाकर शिलान्यास करने की जिम्मेदारी दी. यह भी तय हुआ कि सरकार के स्थानीय मंत्री व विधायक भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे.

सोमवार सुबह ऐन मौके पर प्रीतम सिंह पंवार सहित पूरी सरकार ने इस कार्यक्रम से कन्नी काट ली. महापौर विनोद चमोली ने स्वयं शिलान्यास की ठानी व नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया, पार्षदों व निगम कर्मियों के साथ वे शीशमबाड़ा पहुंच गए.

वहां पहले से ही प्लांट विरोधी लोगों की भीड़ मौजूद थी. कांग्रेस नेता आजाद अली और शंकर चंद रमोला भीड़ का नेतृत्व करते रहे. इस दौरान सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, बिहारीगढ़, छुटमलपुर आदि से भी वहां भीड़ आयी थी. महापौर की गाड़ी देखते ही भीड़ बेकाबू हो गई. उपद्रवियों ने गाड़ी पर पथराव कर शीशे तोड़ डाले तो महापौर भी भीड़ के बीच में कार से उतर गए.

उनके साथ जमकर धक्का-मुक्की व बदसलूकी हुई. पुलिस ने बामुश्किल उन्हें प्लांट की बाउंड्रीवॉल के अंदर कराया और भीड़ को लाठीचार्ज कर नियंत्रित किया, लेकिन लोग गेट तोड़ने पर आमादा हो गए. अपर जिलाधिकारी प्रताप शाह और एसपी देहात श्वेता चौबे समेत एडीएम जितेंद्र कुमार ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हुआ.

करीब दो घंटे बाद विधायक राजकुमार भी वहां पहुंचे. भीड़ ने उन्हें भी घेरा, मगर पुलिस ने दूसरे गेट से उनकी एंट्री करा दी. महापौर और विधायक जब भूमि-पूजन कर रहे थे, उस वक्त उपद्रवियों ने बाउंड्रीवॉल पर चढ़कर अंदर कूदने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया.

दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही पुलिस ने महापौर व विधायक को टैक्सी में बैठाकर प्लांट से बाहर निकाला तो भीड़ गाड़ी पर टूट पड़ी. पुलिस को फिर लाठीचार्ज करना पड़ा. इस दौरान नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को सुरक्षित भेजा व आखिर में खुद वहां से निकले. महापौर व निगम टीम के सुरक्षित निकल जाने से गुस्साई भीड़ ने सड़क को जाम कर पुलिस पर पथराव कर दिया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर भीड़ को खदेड़ा और सड़क खाली कराई.

इससे पहले प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति इस्लामुद्दीन (48 वर्ष) निवासी गांव जमनपुर सेलाकुई उल्टी की शिकायत के बाद बेहोश हो गया. उसका साढ़ू बशीर व अन्य लोगों ने उसे नजदीकी सरस्वती अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे हॉयर सेंटर भेज दिया. ये लोग सुभारती अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने इस्लामुद्दीन को मृत घोषित कर दिया. इससे मौके पर बवाल बढ़ा तो एसपी सिटी अजय सिंह भी अतिरिक्त फोर्स लेकर पहुंच गए.

एसपी देहात ने बताया कि इस्लामुद्दीन की मौत हार्ट फेल होने से हुई. इसकी पुष्टि उसके साथी व अन्य ग्रामीणों ने की. परिजनों ने पोस्टमार्टम भी कराने से इनकार कर दिया. फिलहाल किसी पक्ष ने उपद्रव या अन्य घटना के मामले में पुलिस में शिकायत नहीं दी है.