खास है अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव, रावण परिवार के दो दर्जन पुतलों को शहरभर में घुमाया जाता है

सांस्कृतिक नगरी के रूप में विख्यात अल्मोड़ा में वैसे तो सभी पर्व-त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाए जाता हैं, लेकिन यहां का दशहरा खास माना जाता है. अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव अलग ही अंदाज में मनाया जाता है.

यहां रावण परिवार के दो दर्जन पुतलों को बाजार में भ्रमण कराया जाता है, इसके बाद स्थानीय स्टेडियम में पुतलों का दहन किया जाता है. पिछले एक सप्ताह से हिन्दू-मुस्लिम युवा मिलकर यहां पुतलों का निर्माण कर रहे हैं.

अल्मोड़ा में जब कभी बिजली की व्यवस्था नहीं थी, तब मशालों से अल्मोड़ा के बद्रेश्वर में रामलीला की शुरुआत की गई थी. पहले रावण का ही पुतला बनता था, आज सभी मौहल्लों में रावण परिवार के पुलते बनने लगे हैं. प्रशासन भी इस दशहरा महोत्सव को बेहतर बनाने के लिए कोशिश कर रहा है.

अल्मोड़ा के दशहरा महोत्सव को देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से भी लोग यहां पहुंचते हैं. जो युवा रोजगार की तलाश में मैदानों में रहते हैं, वह भी दशहरा महोत्सव में अल्मोड़ा पहुचते हैं. राज्य सरकार ने भी इसके लिए हर साल धनराशी देना शुरू कर दिया है.

अल्मोड़ा का दशहरा पहाड़ की संस्कृति की पहचान है. एक पुतले से शुरू हुआ दशहरा आज दो दर्जन पुतलों तक पहुंच गया है. इन पुतलों के निर्माण में हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश भी मिलता है.