हरीश रावत के लिए मुसीबत के बादल छंटे, PDF को लेकर किशोर उपाध्याय का हृदय परिवर्तन!

पिछले कुछ महीनों से सरकार के सहयोगी पीडीएफ को घड़ी-घड़ी कोसने वाले उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का लगता है अचानक हृदय परिवर्तन हो गया है या उन्हें आलाकमान ने आंखें दिखाई हैं.

इसे वक्त की नजाकत कहें या कुछ और अब किशोर उपाध्याय ने ठान ली है कि पीडीएफ के खिलाफ कोई कुछ नहीं बोलेगा. और तो और पीसीसी चीफ ने संगठन के सभी पदाधिकारियों को इस बाबत निर्देश भी जारी कर दिए हैं. माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष का यह हृदय परिवर्तन केंद्रीय नेतृत्व की वजह से हुआ है.

दरअसल कांग्रेस संगठन द्वारा सरकार के सहयोगी पीडीएफ को लेकर लगातार हमला किया जा रहा था. संगठन चाहता था कि ये जल्द से जल्द साफ हो जाए कि पीडीएफ अगला विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी या फिर पीडीएफ के नेता कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव में उतरेंगे. संगठन की इस बयानबाजी से सबसे ज्यादा परेशानी मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार को हो रही थी.

हरीश रावत सरकार को समझ नहीं आ रहा था कैसे इस बयानबाजी पर लगाम लगाई जाए. सीएम की यह दिक्कत खुद पीडीएफ नेताओं ने दूर कर दी. पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय नेताओं को दी गई. जिसके बाद वहां से निर्देश जारी हुए कि संगठन के नेता अब बयानबाजी से बाज आ जाएं और आलाकमान के फरमान पर संगठन ने अपनी बोलती बंद कर दी.