सदस्यों को अपने प्रधान पर भरोसा नहीं, कल अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा

उत्तराखंड के तराई क्षेत्र के जिले ऊधमसिंह नगर की एक ग्राम पंचायत में इन दिनों फ्लोर टेस्ट की चर्चा जोरों पर है. जिस तरह से कुछ समय पहले उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार संकट में आ गई थी और फिर फ्लोर टेस्ट हुआ, कुछ उसी तर्ज पर यहां एक ग्राम प्रधान की कुर्सी भी खतरे में है. अविश्वास प्रस्ताव के बाद गुरुवार को होने वाली बैठक को फ्लोर टेस्ट की तरह माना जा रहा है.

जिले के बाजपुर विकास खंड की नमूना ग्राम पंचायत की प्रधान रुखसाना की कुर्सी खतरे में है. पंचायती राज एक्ट में संशोधन के बाद एक चौथाई सदस्य यदि अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं तो प्रधान को उसके पद से हटाया जा सकता है. अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद जिला पंचायती राज अधिकारी ने 14 सितम्बर को नोटिस जारी कर दिया है, जिसकी मियाद 29 सितम्बर को पूरी हो रही है.

ग्राम प्रधान रुखसाना की ओर से हाईकोर्ट की एकलपीठ में याचिका दाखिल कर डीपीआरओ के नोटिस को चुनौती दी गई है. साथ ही अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े सदस्यों की संख्या कम बताते हैं. राज्य सरकार और दूसरे पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है.

अब ग्राम प्रधान रुखसाना को 29 सितम्बर को अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी बैठक का सामना करना पड़ेगा, जिसे फ्लोर टेस्ट की तरह माना जा रहा है.