गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में मैस के खाने में निकले कीड़े, छात्रों ने काटा हंगामा

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार में छात्रों के खाने में कीड़े निकलने का मामला सामने आया है. गुरुदत्त हॉस्टल में सोमवार सुबह नाश्ते के दौरान भटूरे में कीड़े देख छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. भड़के छात्रों ने कुलपति का घेराव कर जमकर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए.

धरने से उठाने के दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. हंगामा बढ़ने पर मैस का टेंडर रद्द करते हुए खाने के सैंपल भरवाए गए. छात्रों को खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि लैब से रिपोर्ट आने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के गुरुदत्त हॉस्टल के छात्र सोमवार सुबह नाश्ता करने पहुंचे. भटूरे में कीड़े देखकर छात्र दंग रह गए. छात्र संघ महासचिव पंकज सिंह ने खाने में कीड़े निकलने की सूचना बाकी छात्र नेताओं को दी.

बस फिर क्या था, कुछ ही देर में पूरे विश्वविद्यालय में यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई, जिसके बाद छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र कुलपति कार्यालय पहुंचे. आरोप है कि कुलपति ने उनसे मिलने से मना कर दिया. इस पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने कुलपति मुर्दाबाद और कुलपति वापस जाओ जैसे नारे लगाते हुए धरना शुरू कर दिया. छात्रों को धरने से उठाने पर उनकी सुरक्षाकर्मियों से भी धक्का-मुक्की हुई.

मांग अनसुनी करने पर छात्रों ने खुद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर बुलवा लिया और सैंपल भरवाए. बताया गया कि हंगामे को देखते हुए विवि ने आपात बैठक बुलाकर टेंडर रद्द करा दिया. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बताया कि सैंपल रुद्रपुर स्थित लैब भेजे गए हैं. लैब की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

हंगामा कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि मैस के खाने में लगातार ऐसी शिकायतें आ रही हैं. मगर प्रबंधन इस पर कार्रवाई नहीं कर रहा है. उन्होंने मिलीभगत का आरोप लगाया. पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव चौहान ने कहा कि यदि इस बार ठोस कार्रवाई न हुई तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा.

प्रदर्शन करने वालों में पूर्व अध्यक्ष अमित कुमार, प्रिंस राणा, अमन विश्नोई, हार्दिक अरोड़ा, मयंक चौहान, राहुल त्यागी, तरुण चौहान, योगेश, हिमांशु धीमान, संजीव सैनी, राजन, प्रताप, अमरदीप चौधरी, शुभम त्यागी, राहुल ठाकुर, अनंत राजपूत, दिशांत राठी, निशांत आदि शामिल रहे.

छात्रों के हंगामे की सूचना पर मीडियाकर्मी भी विश्वविद्यालय पहुंच गए. घेराव करने के दौरान कुलपति डॉ. सुरेंद्र कुमार छात्रों के सवालों का माकूल जवाब तो दे नहीं पाए, मगर मीडियाकर्मियों पर नाराजगी दिखाने लगे. इस पर छात्र और ज्यादा भड़क गए और उन्होंने कुलपति के व्यवहार पर नाराजगी जताई. वार्ता से इनकार करते हुए वह कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए. आनन-फानन में विवि प्रबंधन को बैठक बुलानी पड़ी.