पीडीएफ से तकरार पर आखिरकार मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खोली जुबान

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और पीडीएफ के बीच चल रही तकरार को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि इस मामले में पार्टी ने किसको बोलने के लिए अधिकृत किया है यह बात सभी जानते हैं.

किशोर उपाध्याय का नाम लिए बिना हरदा ने कहा है कि व्यक्तिगत राय किसी भी कुछ भी हो सकती है, लेकिन सत्यतता यह है कि कांग्रेस के आग्रह पर ही पीडीएफ ने समर्थन दिया और सरकार बनाने से लेकर सरकार चलाने तक पीडीएफ ने साथ दिया है.

इसलिए कांग्रेस पार्टी इनका आदर करती है. सीएम रावत ने कहा है कि कांग्रेस निजी स्वार्थों में कोई भी निर्णय नहीं करती है, नीतिगत निर्णय के बाद ही ऐसे निर्णय लिए जाते हैं.

लिहाजा चुनाव के समय इस मामले में बात की जाएगी और जब पांच साल साथ चले हैं तो आगे भी मिलकर साथ चलना चाहेंगे और इस मामले में बातचीत से ही निर्णय लिया जाएगा. वहीं पीडीएफ कोटे के मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने कहा है कि हमने सरकार बनाने से लेकर राज्यसभा चुनाव और फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस का साथ दिया है.

संकट की घड़ी में पीडीएफ ने कांग्रेस का पूरा साथ दिया है. लिहाजा इन सब बातों को मुख्यमंत्री बखूबी समझते है और मुख्यमंत्री जो भी निर्णय करेंगे वह पीडीएफ के हित में ही होगा. इसके आलावा श्रममंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस का जो भी निर्णय होगा वह हमे मान्य होगा.

इससे पहले नैनीताल जिले की लालकुंआ विधानसभा के मोतीनगर में शनिवार से शुरू हुए तराई भाबर महोत्सव का शुभारम्भ मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया. दोपहर चार बजे मोतीनगर पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत का पार्टी कार्यकर्ताओं सहित स्थानीय जनता ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया.

तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकसंस्कृति और लोककलाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां होगी. कार्यक्रम स्थल पर लगे एक दर्जन से अधिक लोक उत्पादों के स्टालों का भी निरीक्षण मुख्यमंत्री ने किया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोक कलाकारो और लोकसंस्कृति के साथ लोक उत्पादों को और अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात कही है. साथ ही उन्होनें कहा है कि इन सबको मिलाकर ही राज्य आत्मनिर्भरता और रोजगारपरक राज्य की दिशा में आगे बढ़ सकता है.