हरिद्वार में मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी की बढ़ती सक्रियता से कांग्रेस-बीजेपी में हड़कंप

मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अनुपमा रावत की हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट पर सक्रियता से बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के दावेदार परेशान हैं. जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा रही हैं. उनकी मां और हरिद्वार से लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी रेणुका रावत भी इस क्षेत्र में कई कार्यक्रम कर चुकी हैं.

हरिद्वार जिले की हरिद्वार ग्रामीण सीट पर इस समय बीजेपी का कब्जा है. यहां से स्वामी यतीश्वरानंद विधायक हैं. दोबारा से सत्ता में आने का सपना संजोये मुख्यमंत्री हरीश रावत की इस सीट पर नजर है. इस सीट पर कांग्रेस की ओर से कई स्थानीय दावेदार चार साल से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अब उनकी बेचैनी बढ़ गई है.

दरअसल मुख्यमंत्री की बेटी अनुपमा रावत ने इस क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है. माना जा रहा है कि हरीश रावत की बेटी अनुपमा को हरिद्वार ग्रामीण सीट से प्रोजेक्ट कर सकते हैं. अनुपमा ने इससे पहले कोई विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है. अनुपमा की सक्रियता से हरिद्वार ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ने का ख्वाब देखने वाले कांग्रेस नेता निराश हो गए हैं. वहीं कई कांग्रेस नेता सीएम की नजर में नंबर बनाने के लिए अनुपमा को लेकर गांव-गांव घूम रहे हैं.

कांग्रेस नेता ठाकुर रतन सिंह का कहना है कि हरिद्वार ग्रामीण सीट पर इस बार कांग्रेस की लहर है. उनकी पार्टी यहां से जीत दर्ज करेगी. कांग्रेस ही नहीं बीजेपी के दावेदार भी परेशान दिख रहे हैं. हरिद्वार ग्रामीण सीट से विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का टिकट पक्का माना जा रहा है. अगर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री की बेटी उनके सामने होगी तो यतीश्वरानंद के लिए यह चुनाव आसान रहने वाला नहीं है.

हालांकि विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का कहना है कि वह अपने विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएंगे. कांग्रेस कोई भी उम्मीदवार उतार ले, यहां पर जीत बीजेपी की ही होगी.