पर्यटकों से गुलजार हुई फूलों की घाटी, इस साल अब तक रिकॉर्ड 9 हजार से ज्यादा सैलानी पहुंचे

फूलों की घाटी

विश्व धरोहरों की सूची में शामिल चमोली स्थित ‘फूलों की घाटी’ में इस साल पर्यटकों की आवाजाही का नया रिकॉर्ड बना. अब तक 9336 पर्यटक घाटी के दीदार के लिए पहुंच चुके हैं, जो कि घाटी के इतिहास में सर्वाधिक संख्या है. इसके अलावा पर्यटकों से आय के मामले में भी रिकॉर्ड टूटा है.

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने पहली बार पर्यटकों से साढ़े सोलह लाख रुपये की कमाई की. साफ मौसम के बीच अब भी फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही होने से भ्यूंडार घाटी के अच्छे दिन लौट आए हैं.

फूलों की घाटी का दीदार करने के लिए पर्यटकों को वहां जाने की इजाजत जून से अक्टूबर तक होती है. इस दौरान राष्ट्रीय पार्क के नियमों के अनुसार शुल्क देकर ही पर्यटक घांघरिया से आगे बढ़ सकते हैं. समुद्रतल से 3962 मीटर की ऊंचाई पर 87.5 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैली इस घाटी के दीदार को हर साल देश-दुनिया से पर्यटक पहुंचते हैं.

2013 की आपदा के बाद यहां आवाजाही न के बराबर हो गई थी. जिससे पर्यटन कारोबार से जुड़े भ्यूंडार घाटी के लोग मायूस थे. इस बार उनकी उम्मीदों को पंख लगे और घाटी के खुलते ही वहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी. अब तक 9336 पर्यटक घाटी का दीदार कर चुके हैं. इससे नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन को 16 लाख 33 हजार 125 रुपये की आय हुई है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है.

Valley-of-Flowers2

इतना ही नहीं, अब भी देश-दुनिया के पर्यटक यहां आने के लिए जानकारियां ले रहे हैं. जिससे उम्मीद की जा रही कि अक्टूबर में भी फूलों की घाटी पर्यटकों से गुलजार रहेगी.

वन क्षेत्राधिकारी, फूलों की घाटी (चमोली) दीपक रावत के मुताबिक इस साल फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही का रिकॉर्ड तो टूटा ही है, रिकॉर्ड आय भी अर्जित हुई है. अभी भी घाटी के दीदार को देश-विदेश के पर्यटकों की ओर से जानकारियां जुटाई जा रही है.

पिछले कुछ सालों में फूलों की घाटी आए पर्यटकों के आंकड़े इस प्रकार हैं.

वर्ष पर्यटक
2011 6855
2012 8799
2013 484
2014 181
2015 6501
2016 9336 (अब तक)