डेंगू से उत्तराखंड में भी हाहाकार | आयुर्वेद और होम्योपैथी विभाग कर रहे इलाज का दावा

डेंगू और चिकुनगुनिया ने देशभर में सरकारों की नींद उड़ाई हुई है, अन्य राज्य सरकारों की तरह उत्तराखंड सरकार का स्वास्थ्य महकमा भी इनके प्रकोप को कम करने के लिए कई कार्यक्रम चला रहा है. उधर आयुर्वेद और होम्योपैथिक विभाग डेंगू के मरीजों के बेहतर इलाज का दावा कर रहे है. यानी डेंगू के शुरुआती वक्त में मरीज आयुर्वेद और होम्योपैथिक दवाओं का सेवन कर सकते हैं.

डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, पूरे उत्तराखंड में अभी तक 942 मरीजों को डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है. अस्थायी राजधानी देहरादून में 842 डेंगू के मरीज सामने आए हैं. जबकि हरिद्वार में 59, नैनीताल में 45 डेंगू और पौड़ी में एक मरीज सामने आए हैं. ज्यादातर मरीज एलोपैथिक दवाओं का सेवन कर रहे हैं और इलाज भी करा रहे हैं.

आयुर्वेद महकमा भी दावा कर रहा है कि उनके विभाग में इस बीमारी का इलाज है. यानी अगर मरीज चाहे तो आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन कर सकते हैं. फिलहाल आयुर्वेद महकमे का दावा है कि कई तरह की आयुर्वेदिक दवाएं मौजूद हैं, जिनके सेवन से मरीज ठीक हो सकते हैं.

डॉ ओपी बहुखुंडी आयुर्वेद चिकित्सक का कहना है कि आयुर्वेद विभाग में बेहतर इलाज संभव है. फिलहाल यहां किसी तरह की दवाओं के नाम का जिक्र नहीं किया जा रहा है. मरीज अपने डॉक्टर्स से मिलकर अपना इलाज कर सकते हैं.

बिना डॉक्टर्स के परामर्श के दवाओं का सेवन नुकसान दायक हो सकता है. ऐसे में मरीज डॉक्टर्स की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करें. वही होम्योपैथिक विभाग का भी यही दावा है कि डेंगू के मरीज का इलाज संभव है. होम्योपैथिक दवाओं के सेवन करने से भी डेंगू के मरीजों का कम हुआ प्लेटलेट बढ़ सकता है.