घर में शौचालय बनवाओ और इस्तेमाल करो | लैंसडाउन छावनी परीषद हर टॉयलेट सीट पर लगाएगी टैक्स!

एक तरफ ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत मोदी सरकार लोगों को शौचालय बनाने और इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और दूसरी तरफ लैंसडाउन छावनी परिषद् ने हर घर और होटल की प्रत्येक टॉयलेट सीट के हिसाब से टैक्स वसूलने की योजना बना डाली है.

पर्यटन नगरी लैंसडाउन में छावनी परिषद एक ऐसा टैक्स लगाने जा रही है, जिसको सुनकर हर कोई हैरान है. दरअसल कैंट क्षेत्र में जितने भी आवासीय और व्यावसायिक भवन हैं, कैंट बोर्ड उनमें मौजूद जितनी भी टॉयलेट सीट हैं, उसके हिसाब से नया टैक्स लगाने जा रही है.

कैंट बोर्ड की आय बढ़ाने के लिए बोर्ड द्वारा टॉयलेट सीट के हिसाब से टैक्स वसूलने की इस योजना को सुनकर हर कोई हैरान है. दरअसल पर्यटन नगरी लैंसडाउन के छावनी क्षेत्र में सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी छावनी परिषद की है. वहीं इस क्षेत्र में सड़क पानी बिजली सहित दूसरी जन सुविधाएं जनता को उपलब्ध करवाती है.

पर्यटन नगरी लैंसडौन में पिछले कुछ समय में जिस प्रकार से पर्यटकों की गतिविधियां बढ़ी हैं, उसको देखते हुए छावनी परिषद ने अब हर घर और होटल की प्रत्येक टॉयलेट सीट के हिसाब से टैक्स वसूलने की योजना बनाई है.

छावनी परिषद की अधीशासी अधिकारी अंकिता सिंह ने नए टैक्स को जनहित में बताते हुए कहा कि इस टैक्स से छावनी परिषद् की जनता के हित में ही विकास कार्य होने हैं.

उधर दूसरी ओर छावनी परिषद की इस योजना का विरोध भी होने लगा है. स्थानीय समाजिक कार्यकर्ता अनुज खंडेलवाल की यदि मानें तो होटलों तक तो यह टैक्स समझ में आता है, लेकिन घरों पर भी इस टैक्स को लगाए जाने की योजना समझ से परे है.

दरअसल होटल तो व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन जो गरीब जनता सालों से अपने टूटे घरों में निवास कर रही है, उन पर भी नया टैक्स लगा देने से छावनी परिषद अच्छा संदेश नहीं दे रही है.