विजय माल्या ब्रिटेन में जरूर हैं, लेकिन कंपनी पर उनका पूरा नियंत्रण है : यूबी समूह

शराब व्यवसायी विजय माल्या -फाइल फोटो

समस्याओं में घिरे कारोबारी विजय माल्या का ब्रिटेन में रहते हुए भी कंपनी पर पूरा नियंत्रण बना हुआ है. यूबी समूह की होल्डिंग कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लि. (यूबीएचएल) ने उनको मिलने वाले 1.6 करोड़ रुपये के पारितोषिक की घोषणा करते हुए यह बात कही.

समूह की कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज लि. ने भी माल्या को करीब 2.86 करोड़ पारितोषिक मिलने की बात कही है. हालांकि इस भुगतान को आयकर विभाग के आदेश से रोका गया था. इसमें सह-प्रवर्तक हेनकीन अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है.

समूह की कंपनी किंगफिशर को दिए गए कर्ज के अदायगी में चूक सहित विभिन्न मामलों के बीच माल्या इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन चले गए थे. 29 सितंबर को होने वाली अपनी सालाना आम बैठक से पहले शेयरधारकों को जारी वार्षिक रिपोर्ट में यूबीएचएल ने कहा कि वह 17 अप्रैल 2014 से बिना प्रबंध निदेशक के है.

इसमें कहा गया है, ‘..बोर्ड के चेयरमैन विजय माल्या कंपनी के प्रधान अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं और वर्ष के दौरान निदेशक मंडल की बैठक के दौरान कंपनी के कामकाज की समीक्षा की.’ रिपोर्ट के अनुसार, ‘लंदन में रहने के बावजूद उनका कंपनी पर नियंत्रण बना हुआ है. उन्होंने विभिन्न कार्यकारियों को जिम्मेदारी दे रखी है जो नियमित आधार पर उन्हें रिपोर्ट करते हैं.’

निदेशकों को दिए जाने वाले पारितोषिक के बारे में ब्योरा देते हुए यूबीएचएल ने निदेशक मंडल या समिति की बैठकों में भाग लेने के लिए 3.2 लाख रुपये का शुल्क माल्या को दिए जाने का खुलासा किया. इसमें से 1.6 लाख को कर वसूली अधिकारी के 24 नवंबर 2015 के आदेश के तहत रोका गया. हालांकि माल्या को यूबीएचएल की दो विदेशी अनुषंगी इकाइयों से करीब 1.6 करोड़ रुपये का पारितोषिक मिला. यूबीएचएल ने यह भी कहा कि विजय माल्या के बेटे सिद्धार्थ 31 मार्च 2016 से कंपनी के निदेशक पद से हट गए हैं.

अपनी सालाना रिपोर्ट में यूनाइटेड ब्रेवरीज लि. (यूबीएल) ने माल्या को बैठकों में भाग लेने के लिए कुल 2.9 लाख रुपये तथा 2.83 करोड़ रुपये बतौर कमीशन मिलने की बात कही. लेकिन आयकर विभाग से मिले नोटिस पर कंपनी ने मार्च 2016 से भुगतान रोक दिया.