आखिरकार खत्म हुई शिक्षकों की हड़ताल, आज से स्‍कूलों में हाजिरी देंगे मास्साब

उत्तराखंड में शिक्षकों के 20 सूत्रीय मांगों को लेकर आठ दिनों से चली आ रही हड़ताल फिलहाल खत्म हो गई है. इससे पहले शनिवार देर रात सरकार और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के बीच वार्ता में सहमति बन चुकी थी. रविवार को राज्य के शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने धरनास्थल पर जाकर अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त किया. सोमवार से स्कूलों में हालात सामान्य होंगे.

गौरतलब है कि राज्य के करीब 2300 स्कूलों के 25000 हजार शिक्षक 12 सितंबर से हड़ताल पर थे. शनिवार देर रात मुख्यमंत्री हरीश रावत, शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी और शासन के साथ हुई संघ की वार्ता में शिक्षकों की कई मांगों पर सहमति बन गई थी.

इसके बाद रविवार को शिक्षा मंत्री प्रसाद नैथानी, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान और विधायक राजकुमार शिक्षा निदेशालय पहुंचे. शिक्षा मंत्री ने अनशन पर बैठे प्रांतीय संयुक्त मंत्री सुंदर कुंवर और कुमाऊं मंडल मंत्री कन्नू जोशी को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया. इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि वार्ता में बनी सहमति के आधार पर सोमवार दो बजे तक शासनादेश जारी कर दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की मांगों को लेकर शुरू से गंभीर थी. कुछ तकनीकी कारणों के चलते सहमति बनने में वक्त लगा. इस मौके पर बीजेपी प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षकों की मांगों पर सरकार ने सकारात्मक कार्रवाई की, लेकिन विलंब के कारण तमाम परेशानियां सामने आईं. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर नहीं आंका जा सकता.

उधर, राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि सरकार के साथ मांगों पर सहमति बनने के बाद संघ की कोर कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से हड़ताल वापस लिए जाने पर सहमति बनी. सोमवार से सभी शिक्षक स्कूल पहुंचेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण छात्रों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए शिक्षक अतिरिक्त काम करेंगे.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए शिक्षक सोमवार से स्कूल पहुंचेंगे. यदि सरकार वादे के अनुसार शासनादेश जारी नहीं करती तो वे खुद आमरण अनशन पर बैठेंगे. इस मौके पर प्रांतीय उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, महामंत्री सोहन सिंह माजिला, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष रविंद्र राणा, गढ़वाल मंडल मंत्री शिवसिंह नेगी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष कृपाल सिंह मेहता, उपाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र धपोला, मनोज नेगी, आनंद सिंह, हेमंत पैन्यूली आदि मौजूद थे.

तीन फीसद वेतन वृद्धि के मामले में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, जो एक माह में संघ के पदाधिकारियों के साथ तमाम बिंदुओं पर वार्ता कर फैसला देगी. अब शिक्षकों को दो विशेष अवकाश के स्थान पर तीन अवकाश दिए जाएंगे. अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे. अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण में बीमार, विधवा, परित्यक्ताओं आदि को वरीयता दी जाएगी.

उत्तर प्रदेश के विकल्पधारियों को एकमुश्त अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाएंगे. साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से अनापत्ति के लिए भी वार्ता की जाएगी. उप चुनाव के कारण पुराने पेंशन पैटर्न से वंचित करीब 500 शिक्षकों को इसका लाभ दिया जाएगा. हड़ताल और अनशन के मामले में किसी भी शिक्षक के खिलाफ कोई उत्पीडऩात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी.