हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मेवात डबल मर्डर और बहनों के गैंगरेप को बताया ‘छोटा मामला’

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि मेवात में दोहरे हत्याकांड, दो बहनों से गैंगरेप और बिरयानी में गौमांस के आरोपों में पुलिस की छापेमारी जैसी घटनाएं छोटे मुद्दे हैं और ऐसी घटनाएं देश में कहीं भी घट सकती हैं.

राज्य के तौर पर हरियाणा की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर एक आयोजन में जब मुख्यमंत्री खट्टर से पत्रकारों ने मेवात गैंगरेप मामले और बीफ विवाद में सीबीआई जांच के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘ये कोई मुद्दे नहीं हैं. मैं ऐसे छोटे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता. आज हमें स्वर्ण जयंति के बारे में बात करनी चाहिए.’

जब उनसे फिर से इस बारे में पूछ गया तो खट्टर ने कहा, ‘स्वर्ण जयंति समारोह की तुलना में यह बहुत छोटे मामले हैं और देश में कहीं भी हो सकते हैं.’

बता दें कि मेवात में 24 अगस्त को एक 20 वर्षीय महिला और उसकी 14 साल की कजिन बहन के साथ उन्हीं के घर में घुस आए कई लोगों ने गैंगरेप किया. यही नहीं उनके चाचा-चाची को बांधकर तब तक पीटा गया जब तक उनकी मौत नहीं हो गई.

बिरयानी में कथित तौर पर गौमांस के इस्तेमाल का विवाद उस वक्त भड़का जब हरियाणा गौ-रक्षा टास्क फोर्स की इनचार्ज डीआईजी भारती अरोड़ा और गौ-रक्षा सेवा आयोग के अध्यक्ष भनी राम मंगला ने ईद से पहले 8 सितंबर को मेवात में हाईवे किनारे बने भोजनालयों से बिरयानी के सैंपल लेने की मुहिम शुरू की.

भनी राम मंगला ने दावा किया कि मेवात में बीफ बिरयानी परोसे जाने की रिपोर्ट है. इसमें मेवात इलाके के गांव नूह, फिरोजपुर झिरका, नगीना, पुहाना, भडस, शाह चोखा और अन्य गांव भी शामिल हैं.

बाद में हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कहा कि वहां से उठाए गए सभी सात नमूनों की लाला लाजपत राय पशु चिकित्सालय एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, हिसार की लैब में हुई जांच में गौमांस होने की पुष्टि हो गई है.

राज्य सरकार ने पिछले ही साल हरियाणा में गौवंश संरक्षण एवं गौ-संवर्धन अधिनियम पास किया, जिसके तहत गौहत्या को 10 साल तक की जेल की सजा और 1 लाख रुपये के जुर्माने के साथ कठोर दंडनीय अपराध घोषित किया गया.