इस साल दीपावली पर देहरादून वासियों को इलेक्ट्रिक ट्रेन का तोहफा देंगे ‘प्रभु’

इस साल दीपावली से यात्री धार्मिक नगरी हरिद्वार और उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून के बीच 18 कोच की ट्रेन में सफर करेंगे. उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एके पूठिया ने दावा किया कि सितंबर अंत तक हरिद्वार से देहरादून के बीच रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा और इसी के साथ देहरादून तक बड़ी ट्रेन का संचालन होने लगेगा.

अभी तक 18 कोच की ट्रेनें सिर्फ हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक आती हैं, जबकि देहरादून तक 12 या 13 कोच की ही ट्रेनें ही पहुंच पाती हैं. इससे आरक्षण की प्रतीक्षा सूची काफी लंबी हो जाती है.

शनिवार सुबह देहरादून स्टेशन पर ‘स्वच्छता अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर महाप्रबंधक पूठिया ने बताया कि स्टेशनों में सुधार और सुविधाएं देने के लिए रेलवे ने कुछ बड़े संस्थानों के साथ करार किया है. ये संस्थान स्टेशनों को गोद ले लेते हैं.

इसी तर्ज पर आईआईटी रुड़की रेलवे स्टेशन को गोद लेने जा रहा है. आईआईटी अपने संसाधनों से स्टेशन का सौंदर्यीकरण करेगा. यहां मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर सुविधाएं विकसित होंगी. यात्रियों को आधुनिक होटल, विश्राम गृह और शॉपिंग मॉल से लेकर एलीवेटर की भी सुविधा मिलेगी.

देहरादून स्टेशन के बारे में उन्होंने बताया कि यहां एक प्लेटफार्म और बनाया जा रहा है. अभी चार प्लेटफार्म हैं. वाशिंग लाइनों का काम तेजी पर है. रायवाला रेलवे स्टेशन का विस्तारीकरण पूरा हो चुका है और अब डोईवाला पर काम चल रहा.

कांसरो और मोतीचूर का विस्तारीकरण इस दिवाली तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद लंबी दूरी की बड़ी गाड़ियां दून पहुंच सकेंगी. उन्होंने बताया कि 18 कोच की ट्रेनें आने से यात्रियों को राहत मिलेगी.

अभी ट्रेनों में त्योहारों के आसपास प्रतीक्षा सूची 500 पार रहती है, लेकिन बड़ी गाड़ियों के यहां आने से यात्रियों को आरक्षण में बर्थ आसानी से मिल सकेगी. साधारण बोगियां भी बढ़ेंगी तो सामान्य यात्रियों को भी सीट मिलने में दिक्कत नहीं होगी.

दून स्टेशन तक 18 कोच की ट्रेनें लाने में सबसे बड़ा अड़ंगा कांसरो स्टेशन का फंस रहा था. कांसरो में निर्माण सामग्री अंदर ले जाने व मजदूरों को भेजने में बेहद दिक्कतें आ रही थीं. वन विभाग अनुमति नहीं देता था, मगर अब यह अड़ंगा दूर हो चुका है.

महाप्रबंधक ने रेलवे की भूमि पर बने रोडवेज के पर्वतीय बस अड्डे की जमीन जल्द खाली करा लेने की बात कही. कहा कि राज्य के मुख्य सचिव के साथ पूर्व में हुई रेलवे के अधिकारियों की बातचीत में यह मुद्दा उठा था. रोडवेज दूसरी जमीन मांग रहा था, लेकिन यह रेलवे का काम नहीं है. टैक्सी स्टैंड की तर्ज पर बस अड्डे को भी हटाया जाएगा.