CM हरीश रावत का विरोध कर रहे बीजेपी नेता-कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बरसाई लाठियां

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध कर रहे भाजपाइयों से पुलिस की तीखी झड़प हुई. भाजपाइयों को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. पूर्व मंत्री प्रकाश पंत सहित 97 लोगों को पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर लिया. मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भाजपाइयों को निजी मुचलके पर छोड़ा गया.

विकास के काम पूरे न होने सहित कई मुद्दों को लेकर भाजपाइयों ने तीन दिन पहले मुख्यमंत्री के विरोध का ऐलान किया था. शुक्रवार सुबह 10 बजे से ही भाजपाई घंटाकरण स्थित पार्टी कार्यालय में इकट्ठा होने लगे थे. बीजेपी के ऐलान को देखते हुए घंटाकरण के साथ ही कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात था.

करीब 12 बजे भाजपाइयों ने कार्यक्रम स्थल जाजरदेवल और स्टेडियम के लिए कूच किया. ये लोग जुलूस के रूप में सिल्थाम की ओर निकले. सिल्थाम में भाजपाइयों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरियर लगा रखे थे. गिरफ्तारी के लिए रोडवेज की बस खड़ी कर रखी थी, लेकिन पुलिस उतनी सजग नहीं थी, जितना कि उसे रहना चाहिए था.

गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए भाजपाई बैरियर फांद एवं पुलिस से धक्का-मुक्की करते हुए आगे कूच कर गए. सिल्थाम में बीजेपी जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया, प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बस में ठूंस कर जीजीआईसी कैंपस में पहुंचा दिया.

पूर्व मंत्री प्रकाश पंत सहित कई लोगों ने जाखनी तिराहा, रोडवेज स्टेशन होते हुए कार्यक्रम स्थल स्टेडियम के लिए दौड़ लगा दी. इनके पीछे-पीछे पुलिस बल भाग रहा था. विकास भवन के पास भारी संख्या में तैनात पुलिस कर्मियों ने भाजपाइयों को बल पूर्वक रोका. भाजपाइयों ने जोर-जबरदस्ती की तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. कुछ कार्यकर्ताओं पर लाठियां पड़ी.

इसके बाद सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. बीजेपी नेता सुरेश जोशी समेत कुछ लोगों को कोतवाली के पास से हिरासत में लिया गया. 80 लोगों को जीजीआईसी परिसर और 17 लोगों को पुलिस लाइन में रखा गया.

एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि शांतिभंग की आशंका में 97 लोगों को हिरासत में लिया गया था. मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी लोगों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया. वहीं, भाजपाइयों ने पुलिस पर सरकार के इशारे पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है.