जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस-पीडीएफ के बीच तकरार भी बढ़ रही है

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय (फाइल फोटो)

विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन और उत्तराखंड सरकार में हिस्सेदार प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा (पीडीएफ) के मंत्रियों के बीच चल रही तकरार खुलकर सामने आ गई है. इस बीच प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को उन्हें पार्टी पर बयानबाजी करने की बजाय अपने मंत्रालयों की समस्याएं सुलझाने की सलाह दी. कांग्रेस ने कहा कि सरकार की परेशानी उन्हीं विभागों को लेकर है जो पीडीएफ के पास हैं.

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक बयान में कहा, ‘कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए पीडीएफ से मिले समर्थन के बदले उन्हें पूरा सम्मान दिया है, जिसका वे पूरा राजनैतिक लाभ भी ले रहे हैं. सरकार की परेशानी उन्हीं विभागों को लेकर है, जो पीडीएफ के मंत्रियों के पास हैं. वे जिस डाल पर बैठे हैं, उसी को काटने में लगे हैं.’

जोशी कुछ समाचार माध्यमों में पीडीएफ के अध्यक्ष और हरीश रावत सरकार में शिक्षा और पेयजल मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर पार्टी को समर्थन दिया था, उपाध्याय के कहने पर नहीं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उपाध्याय आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पीडीएफ को लेकर स्थिति साफ किए जाने के पक्ष में हैं और उनका मानना है कि चुनाव के दौरान पीडीएफ और कांग्रेस उम्मीदवार के आमने-सामने आने से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा. इस मसले को उपाध्याय मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने भी रख चुके हैं. हालांकि, अभी मुख्यमंत्री ने इस पर अपना कोई रुख स्पष्ट नहीं किया है.