केदारनाथ आपदा राहत के करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं 15 राज्य, केंद्र ने लगाई फटकार

उत्तराखंड में साल 2013 में आयी भयावह केदारनाथ त्रासदी के बाद देश के 15 राज्यों के 35 सांसदों द्वारा दी गई आर्थिक सहायता को तमाम राज्य दबाए बैठे हैं.

15वीं लोकसभा के 35 सांसदों ने ‘मेबर्स ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम’ (एमपीलैड्स) के तहत कुल मिलाकर साढ़े चार करोड़ की आर्थिक सहायता दी थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही इसमें से अभी तक उत्तराखंड को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली.

अब इसे लेकर केंद्र ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को कड़ी फटकार लगाई है. एमपीलैड्स के निदेशक ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वे सांसदों द्वारा दी गई सहायता को तत्काल उत्तराखंड को मुहैया कराएं.

उत्तराखंड त्रासदी के बाद उत्तराखंड के सांसद सतपाल महाराज, यूपी के चार सांसदों रेवतीरमण सिंह, शैलेंद्र कुमार, कपिलमुनि करवरिया, उषा वर्मन और श्रीप्रकाश जायसवाल के अलावा कर्नाटक, गोवा, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, आसाम, आंध्रप्रदेश सहित 15 राज्यों के 35 सांसदों ने कुल मिलाकर साढ़े चार करोड़ की आर्थिक सहायता दी थी.

एमपीलैड्स के तहत दी गई आर्थिक सहायता को लेकर तमाम सांसदों ने अपने-अपने राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा कि वे आर्थिक सहायता उत्तराखंड को मुहैया कराएं, ताकि त्रासदी के चलते तबाह हुए राज्य में विकास कार्यों को कराया जा सके.

लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि सभी राज्यों ने सांसदों के अनुमोदन के बावजूद फाइल आगे नहीं बढ़ाई, जबकि इस राशि को तत्काल जारी किया जाना चाहिए था. उल्लेखनीय है कि जिन सांसदों ने आर्थिक सहायता की पहल की, उनमें से ज्यादातर वर्तमान में सांसद नहीं हैं.

अब एमपीलैड्स के निर्देशक पी. साईबाबा ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वे सांसदों द्वारा स्वीकृत सहायता राशि को तत्काल उत्तराखंड सरकार को मुहैया कराएं, ताकि इस बजट से आपदा से प्रभावित लोगों को राहत सहायता देने के साथ ही जरूरी विकास कार्य कराए जा सकें.

वहीं प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से इस संबंध में जानकारी मांगी है. साथ ही यह भी निर्देशित किया कि इस संबंध में सीधे केंद्र से लिखापढ़ी करें.

आपदा प्रबंधन विभाग के उप-सचिव संतोष बडोनी के मुताबिक साल 2013 में आयी आपदा के बाद केंद्र से 7980 करोड़ के बजट की मंजूरी दी गई है, जिससे सेंट्रल स्पांसर्ड स्कीम फॉर रीकंस्ट्रशन यानी सीएएसएसआर के तहत 3000 करोड़, एशियन डेवलपमेंट बैंक से 2700 करोड़, एसपीआरए के तहत 1125 करोड़ रुपये शामिल हैं.

विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 3500 करोड़ का बजट जारी किया गया है, जिसमें सीएसएसआर के तहत 1500 करोड़, एसपीआरए के तहत 800 करोड़ और लोन के तहत मिले 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. केंद्र से अभी 4500 करोड़ रुपये और मिलना है.

16 जून 2013 को आयी आपदा में रुद्रप्रयाग समेत राज्य के कई इलाकों में भारी तबाही हुई थी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक आपदा में 5700 लोगों की मौतें हुई जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा में हजारों को जान गंवानी पड़ी और अरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ.

आपदा के चलते जहां कैलाश-मानसरोवर यात्रा प्रभावित रही, वहीं बद्रीनाथ, केदारनाथ यात्रा दो साल के लिए बाधित रही. आपदा के बाद केद्र से मिले अरबों के बजट से तमाम निर्माण कार्य कराए गए हैं लेकिन इतना खर्च होने के बावजूद आपदा से तबाह लोगों की जिंदगी को पटरी पर नहीं लाया जा सका है.