सरकार से बातचीत फेल, स्कूलों में आज भी लटके ताले | अब जेल भरेंगे शिक्षक

सरकार से शिक्षकों की बातचीत फेल होने के बाद शिक्षकों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है. जिसके चलते बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी स्कूलों में ताले लटके हुए हैं. शासन स्तर पर हड़ताल को समाप्त कराने की कोशिशें की जा रही हैं. उधर प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी 23 सितंबर से जेल भरो आंदोलन की तैयारी कर ली है.

शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी का कहना है कि हड़ताल कर रहे शिक्षकों की चयन प्रोन्नत वेतन मांग को पूरा करना सरकार के लिए फिलहाल संभव नहीं दिखता है. शिक्षामंत्री का कहना है कि अगर चयन प्रोन्नत की मांग मान ली जाती है तो इससे सरकार पर 1200 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा.

बुधवार को दूसरे दिन भी स्कूलों में ताले लटके हुए हैं. फिलहाल हड़ताल समाप्त होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं. अब लगता है उत्तराखंड में राजकीय शिक्षकों ने राज्य सरकार से आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है. सोमवार को राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने स्कूलों में तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ असहयोग करने का ऐलान किया था.

राज्यभर में शिक्षकों के आंदोलन का असर देखने को मिला. अस्थायी राजधानी देहरादून में राजकीय शिक्षक स्कूल बंद कर शिक्षा निदेशालय में धरना देने पहुंचे तो वहीं, जिलों में भी ब्लॉक मुख्यालयों पर शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ धरना दिया.

चयन प्रोन्नत वेतनमान में तीन फीसदी बढ़ोतरी सहित एक दर्जन से अधिक मांगों को लेकर आखिरकार राजकीय शिक्षक संघ सरकार से लड़ाई के मूड़ में उतर आए हैं.

गौरतलब है कि सोमवार को शिक्षकों ने स्कूलों में तालाबंदी करने की घोषणा कर दी थी. राजकीय शिक्षक संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष राम सिंह रावत खुद शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन पर बैठ गए.

शिक्षकों का आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद भी सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर शासनादेश जारी नहीं किया. शिक्षक संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष राम सिंह की मानें तो मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी शिक्षकों की लम्बित मांगों के संबंध में कई दौर की वार्ता हो चुकी है, जिसमें उनकी ओर से शासन को निर्देश दिए जाने के बावजूद भी शासनादेश जारी नहीं हुआ है.

लिहाजा अब शिक्षकों ने तालाबंदी के अंतिम विकल्प को ही चुनना सही समझा है. वर्तमान में राज्य में करीब 2250 माध्यमिक स्कूल हैं, जिनमें 25 हजार से अधिक शिक्षक तैनात हैं और इन स्कूलों में राज्य के लाखों छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन संघ के आंदोलन के चलते छात्रों का भविष्य दांव लगा हुआ है.

प्राथमिक शिक्षक संघ ने 20 सितंबर से स्कूलों में तालाबंदी की घोषणा की है. 23 सितंबर से प्राथमिक शिक्षक जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं.