लालू बोले- ‘सीएम नीतीश कुमार ही गठबंधन के नेता हैं’, शहाबुद्दीन का किया बचाव

बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन के प्रमुख साझेदार जेडीयू और आरजेडी के नेताओं के बीच हुई जुबानी जंग की वजह से गठबंधन में आई दरार दिखने के बाद लालू प्रसाद ने विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि तथाकथित ‘बखेड़ा’ मीडिया ने पैदा किया है. लालू ने साफ किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही सत्ताधारी महागठबंधन के नेता हैं.

बहरहाल, लालू ने आरजेडी के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की. लालू ने पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘यह बखेड़ा मीडिया ने पैदा किया है.’ आरजेडी उपाध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की ओर से शहाबुद्दीन की टिप्पणी का समर्थन करते हुए नीतीश पर दिए गए बयान के बाद सत्ताधारी गठबंधन में दरार खुलकर सामने आ गई थी. रघुवंश ने शहाबुद्दीन की उस टिप्पणी का बचाव किया था, जिसमें बाहुबली नेता ने कहा था, ‘नीतीश परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं.’

लालू ने मंगलवार को जोर देकर कहा, ‘नीतीश कुमार ही गठबंधन के नेता हैं. गठबंधन मजबूत है और इसे कोई खतरा नहीं है.’ गौरतलब है कि लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव बिहार के उप-मुख्यमंत्री हैं और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव स्वास्थ्य मंत्री हैं.

लालू को भागलपुर जेल से बाहर आते वक्त शहाबुद्दीन की ओर से की गई टिप्पणी में तो कुछ भी ‘अभद्र’ नजर नहीं आया, लेकिन उन्हें नीतीश पर की गई रघुवंश की टिप्पणी रास नहीं आई.

आरजेडी अध्यक्ष ने कहा, ‘बार-बार कहने के बावजूद रघुवंश सिंह मीडिया में कुछ न कुछ बोल देते हैं.’ उन्होंने कहा कि वह पार्टी के भीतर सभी से बात करेंगे और उन्हें साफ-साफ समझाएंगे कि गठबंधन के बारे में गैर-जरूरी बयानबाजी से परहेज करें.
शहाबुद्दीन के इस बयान पर कि लालू ही उनके नेता हैं और नीतीश परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं, पूर्व मुख्यमंत्री लालू ने कहा, ‘वह आरजेडी के सदस्य हैं और यदि वह कहते हैं कि मैं उनका नेता हूं तो इसमें क्या गलत है?’ लालू ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत शहाबुद्दीन की रिहाई हुई है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत के आधार पर 11 साल बाद शहाबुद्दीन जेल से बाहर आए हैं.’ शहाबुद्दीन ने यह भी कहा था कि नीतीश ‘जन नेता’ नहीं हैं. इस पर लालू ने कहा कि किसी की ओर से इसके पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी कर देने से कुछ नहीं होता.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह शहाबुद्दीन की इस टिप्पणी से सहमत हैं कि नीतीश ‘परिस्थितियों’ के मुख्यमंत्री हैं, इस पर लालू ने पत्रकारों से कहा कि वह चिढ़ाना बंद करें.