राज्य के 2300 सरकारी स्कूलों में आज लटका रहेगा ताला, हजारों टीचरों की महाहड़ताल

उत्तराखंड में राजकीय शिक्षक संघ का आंदोलन तेज हो गया है. सोमवार से 2300 स्कूलों के करीब 25 हजार शिक्षक हड़ताल पर जा रहे हैं. वे स्कूल जाने के बजाय ब्लॉक मुख्यालयों पर बैठकर सरकार के खिलाफ धरना देंगे. ज्ञात हो कि 20 सूत्री मांगों को लेकर राजकीय शिक्षक संघ लंबे समय से आंदोलनरत है. छह दिन से चल रहे बेमियादी अनशन के बीच अब शिक्षकों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है.

राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने बताया कि सोमवार को 95 ब्लॉक के 2300 विद्यालयों के करीब 25 हजार शिक्षक एक साथ अपने-अपने ब्लॉक में जाकर धरना देंगे. इसके चलते वे स्कूलों में नहीं जाएंगे और सोमवार को स्कूलों में ताले लटके रहेंगे. उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन दो सूरत में ही खत्म हो सकता है.

एक तो चयन और प्रोन्नत वेतनमान पर एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि, बीआरसी-सीआरसी की नियुक्ति और तीन ईएल मिलें या फिर मुख्यमंत्री हरीश रावत खुद आकर शिक्षकों को कहें कि उनके पास शिक्षकों को देने के लिए कुछ नहीं है.

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उधर, राज्य के एक मंडल में विनियमितीकरण न होने पर तदर्थ शिक्षक भी लामबंद होने लगे हैं. रविवार को गांधी पार्क में बैठक कर शिक्षकों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी. जबकि 16 अगस्त से हड़ताल कर रहे उत्तरांचल माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से वार्ता के बाद अपनी हड़ताल खत्म कर दी.

इस मामले में विधायक राजकुमार ने मध्यस्थता की. उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और हड़ताल अवधि के कार्यदिवसों को उपार्जित अवकाशों में समायोजित किया जाएगा.