16 राज्यों में पास होने के बाद GST बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, प्रणब मुखर्जी ने किए हस्ताक्षर

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति मुखर्जी ने विधेयक को मंजूरी दे दी है. विधेयक के पारित होने से जीएसटी परिषद के गठन का रास्ता साफ होगा. यह परिषद जीएसटी की दर, उपकर और अधिभारों आदि पर निर्णय करेगी.

जीएसटी के लागू होने के बाद ज्यादातर केंद्रीय और राज्य स्तरीय अप्रत्यक्ष कर मसलन उत्पाद शुल्क, सेवा कर बिक्री कर या वैट, केंद्रीय बिक्रीकर, अतिरिक्त सीमा शुल्क और सीमा शुल्क पर विशेष अतिरिक्त शुल्क इसमें समाहित हो जाएंगे. संसद ने इस विधेयक को 8 अगस्त को पारित किया था जिसके बाद इसे राज्य सरकारों को अनुमोदन के लिए भेजा गया था.

किसी संविधान संशोधन विधेयक को कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों की विधानसभाओं द्वारा अनुमोदित करने की जरूरत होती है. 17 राज्यों द्वारा इस विधेयक को अनुमोदित किए जाने के बाद इसे राष्ट्रपति सचिवालय को भेजा गया था. भाजपा शासित असम ने पहले पहले इस विधेयक को अनुमोदित किया था.

जिन अन्य राज्यों ने इस विधेयक को पारित किया है उनमें बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली, नगालैंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, सिक्किम, मिजोरम, तेलंगाना, गोवा, ओड़िशा और राजस्थान शामिल हैं.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने हाल में कहा था कि सरकार जीएसटी के क्रियान्वयन के मामले में आगे चल रही है. उन्होंने ट्वीट किया था कि राज्यों द्वारा इसे अनुमोदन के लिए 30 दिन रखे गए थे, लेकिन इसे 23 दिन में ही पूरा कर लिया गया.