नैनीताल : नंदादेवी महोत्सव प्रबंधन विवाद, हाईकोर्ट पहुंची रामसेवक सभा

मठ-मंदिरों में वर्चस्व की लड़ाई कोई नई नहीं है, आयोजनों के समय ऐसे विवाद अक्सर सामने आते रहते हैं. सरोवरनगरी नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव चल रहा है, लेकिन मेले के आयोजन के प्रबंधन का विवाद एक बार फिर मंदिर के दरवाजे से कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया.

नैनीताल में मां नयना देवी के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन नंदा देवी महोत्सव के इस बड़े आयोजन को लेकर विवाद हो गया. मंदिर से जुड़ी रामसेवक सभा की ओर से नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें प्रबंधन को लेकर नगर पालिका के अधिकारों को चुनौती दी गई.

रामसेवक सभा का तर्क है कि 100 साल से भी ज्यादा समय से नंदा देवी महोत्सव का आयोजन होता आ रहा है, लेकिन विवाद पिछले कुछ सालों से शुरू हुआ है. आयोजन में सभा की ओर से ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई आयोजन कराए जाते हैं, लेकिन नगर पालिका इसमें कोई सहयोग नहीं करती.

दरअसल, जिस मैदान पर मेले का आयोजन होता है वह मूल रूप से नगर पालिका की भूमि नहीं है और न ही नगर पालिका सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर दूसरे आयोजनों में भागीदार है. विवाद के बाद पिछले साल एक नगर पालिका ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अब रामसेवक सभा ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है.

हालांकि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा का कहना है कि मेले का आयोजन एक्ट के मुताबिक नगर पालिका के हक में ही रहता है. इसके प्रबंधन से लेकर दूसरे वाणिज्यिक गतिविधियों का प्रबंधन भी पालिका ही करती है. हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर पालिका की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा. न्यायालय का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा.

फिलहाल हाईकोर्ट में मौजूदा याचिका पर फैसला लम्बित है. सुनवाई के दौरान कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से दलीलें पेश की गई है, जिसके बाद सुनवाई की अगली तारीख 14 सितम्बर तय की गई है. देखना ये है कि कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाता है.