शादी करके ससुराल पहुंची दुल्हन बैरंग लौटी, पति ने तीन दिन में बनवा दिया शौचालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चलाए जा रहे मिशन स्वाभिमान में किच्छा क्षेत्र की एक नई नवेली दुल्हन ने पूरे समाज को ‘आइना’ दिखाकर मिसाल पेश की है.

शादी के जोड़े में दुल्हन जैसे ही अपनी ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि घर में शौचालय नहीं है और खुले में शौच करना होता है. इस पर नई नवेली दुल्हन ने अपने दूल्हे से दो टूक कह दिया कि शौचालय नहीं है, इसलिए मैं तो चली मायके, अब तभी लौटूंगी जब घर में शौचालय बना लोगे.

पति ने भी अपनी गलती मानते हुए तीन दिन के भीतर घर में शौचालय का निर्माण करा दिया तो दुल्हन फिर पति संग मायके से ससुराल आ गई. इस बात का जब डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव को पता चला तो उन्होंने दुल्हन को दो अक्टूबर को सम्मानित करने की घोषणा कर दी.

मामला उधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के खुरपिया फार्म स्थित एक गांव का. दरअसल चार सितंबर को किच्छा क्षेत्र के ही तुर्कागौरी गांव से शादी करके ससुराल आई सोनी ने ससुराल में दुल्हन के जोड़े में कदम रखा. कुछ देर बाद ही सोनी को पता चला कि उसके ससुराल में तो शौचालय है ही नहीं. उसने सोचा कि जिस घर में शौचालय ही नहीं, वहां उसका पति उसे कैसे स्वाभिमान से रखेगा.

तुरंत फैसला लेते हुए बिना लड़े झगड़े उसने अपने पति सुशील से कहा कि पतिदेव पहले घर में शौचालय का निर्माण कराओ, तभी मैं इस घर में रह पाऊंगी. इतना कहकर सोनी मायके चली दी. रिश्तेदारों ने भी सोनी के इस कदम को गलत नहीं माना और एक नसीहत के तौर पर लिया.

इसके बाद पति ने तीन दिन के भीतर घर में शौचालय का निर्माण शुरू कर दिया. इस पर सोनी तीसरे ही दिन अपने पति के साथ ससुराल आ गई. एक नई नवेली दुल्हन का मिशन स्वाभिमान के तहत उठाया गया कदम जिला प्रशासन के लिए भी बड़ी उपलब्धि रहा.

ऊधमसिंह नगर जिले में मिशन स्वाभिमान के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है कि शादी का रिश्ता तय होने से पहले बेटियां यह जरूर पूछेगी कि ससुराल में शौचालय है, या नहीं.

डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में कुछ ही परिवार ऐसे रह गए हैं जिनके यहां शौचालय नहीं हैं. करीब 17 हजार शौचालय अभी बनने हैं. जिला प्रशासन यह अभियान गांव-गांव में चला रहा है कि अब जहां भी ग्रामीण अपनी बेटी का रिश्ता तय करेंगे सबसे पहले सवाल शौचालय का ही उठाया जाएगा.