उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से अब छात्र पीएचडी और एमफिल भी कर सकेंगे. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने दो वर्ष पूर्व इग्नू सहित सभी मुक्त विश्वविद्यालयों में पीएचडी और एमफिल कराने पर रोक लगा दी थी.

तब से लगातार उत्तराखंड मुक्त विवि और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि भी यूजीसी और केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय से रोक हटाने की मांग कर रहे थे. अब एचआरडी मंत्रालय ने लिखित अनुमति दे दी है.

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने बताया कि गत वर्ष एचआरडी मंत्री प्रकाश जावडेकर की उपस्थिति में देशभर के सभी कुलपतियों की एक बैठक दिल्ली यूजीसी में हुई थी, जिसमें यह तय किया गया था कि सभी मुक्त विवि एमफिल/पीएचडी डिग्री संचालित कर सकते हैं, जिसके क्रम में इग्नू और उत्तराखंड मुक्त विवि को अभी तक एमफिल/पीएचडी कराने की लिखित अनुमति प्रदान की गई है.

विवि के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने कहा कि विवि की ओर से पहले से ही यूजीसी में शपथ पत्र जमा करा दिया गया था, जिसके बाद यूजीसी द्वारा विवि को यूजीसी रेगुलेशन 2016 के तहत कोर्स वर्क के साथ एमफिल/पीएचडी की अनुमति दी गई है.

उन्होंने कहा कि विवि पूरा प्रयास करेगा की वह यूजीसी 2016 तथा यूजीसी के आदेशों पर खरा उतरे. उन्होंने कहा कि अब तक विवि 2012 से दो बार पीएचडी हेतु प्रवेश परीक्षा करवा चुका है, जिसके तहत 26 शोधार्थी विभिन्न विषयों में पीएचडी हेतु नामांकित हैं, और शोधरत हैं.

उन्होंने कहा कि यूजीसी की अनुमति के बाद अब विवि पीएचडी के साथ ही एमफिल भी करवा सकता है. उन्होंने कहा कि इसके नियमित संचालन हेतु विवि की अकादमिक काउंसिल से भी वे इसे पास करवा दिया गया है, अब जल्दी ही विवि प्रवेश परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी करेगा.