रियो ओलंपिक 20 किमी वॉक रेस में 13वें नंबर पर रहे मनीष रावत का प्रमोशन, बनाया गया इंस्पेक्टर

2011 में बतौर कॉन्स्टेबल पुलिस की नौकरी शुरू करने वाले चमोली जिले मनीष रावत महज पांच वर्षों की नौकरी में इंस्पेक्टर बन गए हैं. उन्हें ये सफलता रियो ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर मिली है. उनकी इस सफलता का जश्न सरकार ने भी मनीष को सम्मानित कर मनाया.

बुधवार को अस्थायी राजधानी देहरादून के कैंट रोड़ स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य के पहले ओलंmanish-2पियन मनीष रावत को पुलिस निरीक्षक पद पर प्रोन्नति के बाद रैंक प्रदान की. रियो ओलंपिक में 20 किमी रेस वॉक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 13वां स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री रावत ने आरक्षी मनीष रावत की इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति को मंजूरी दी थी. इसी क्रम में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मनीष रावत को रैंक प्रदान की.

मनीष रावत ने 20 किमी की रेस वॉक कोmanish1 1 घंटा, 21 मिनट व 21 सेकेंड में पूरा करते हुए विभिन्न देशों के 141 प्रतिभागियों में 13 वां स्थान प्राप्त किया था. वे मात्र 1 मिनट 46 सेकेंड से कांस्य पदक चूक गए थे. मनीष रावत को इंस्पेक्टर पद की रैंक प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मनीष की उपलब्धि हम सभी राज्यवासियों की उपलब्धि है. हमें विश्वास है कि अगले ओलंपिक में पदक जीत कर मनीष हमें फिर से उत्सव मनाने का मौका देंगे.

मुख्यमंत्री ने मनीष की मां उर्मिला देवी और कोच अनूप बिष्ट को मंच पर आमत्रित कर सम्मानित किया. खेल विभाग की तरफ से भी मनीष रावत को पांच लाख रुपये का चैक प्रदान किया गया.