देहरादून : कॉल करने के बावजूद नहीं आई 108, नवजात की मौत मां की हालत गंभीर!

 

गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन फोन करने के बावजूद 108 नहीं आई. और बाद में बच्चे की रास्ते में ही जन्म लेने के दौरान मौत हो गई. यह मामला किसी दूरदराज की जगह का नहीं बल्कि उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून का है. इतना ही नहीं एक दिन पहले ही गर्भवती महिला डोईवाला के स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी. बताया गया है कि यहां डॉक्टरों ने उसे गुमराह कर एक सप्ताह तक बच्चा न होने की बात कहीं, ताकि महिला को भर्ती न करना पड़े.

सिस्टम की खामियों के चलते दुनिया में आने से पहले ही नवजात की जान चली गई. परिजनों ने दिल पर पत्थर रखकर नवजात बच्चे को दफन कर दिया. मां अस्पताल में जिन्दगी और मौत की जंग लड़ रही है. सच्चाई जानकर कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि क्या आज के जमाने में देहरादून जैसी जगह में इस तरह के मामले पेश आ सकते हैं.

बताया गया कि प्रसव पीड़ा के चलते महिला को बुधवार को डोईवाला अस्पताल लाया गया था. डॉक्टरों ने 8 दिन का वक्त देकर उसे घर वापस भेज दिया. लेकिन बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात 2 बजे महिला को प्रसव पीड़ा हुई. परिजनों के मुताबिक 3 बजे आपातकालीन सेवा 108 को फोन किया गया, लेकिन 108 नहीं पहुंची.

चारपाई पर लिटाकर परिजनों ने महिला को लक्ष्मण सिद्ध मंदिर पहुंचाया. 108 का इंतजार करते रहे, इस बीच महिला तड़पती रही. इसी समय जन्म के दौरान ही नवजात ने दम तोड़ दिया. परिजनों को इस बात का दुख है कि अगर वक्त रहते स्वास्थ्य सेवा मिल जाती तो शायद आज उनका चिराग इस दुनिया में होता.

महिला अस्पताल में भर्ती है, लेकिन सिस्टम और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर इस मामले ने तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल डॉक्टरों की लापरवही से लेकर इमरजेन्सी सेवा 108 को लेकर खड़े हो रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. साथ ही 108 एंबुलेंस को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किया है. नेगी ने कहा है कि इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.