नैनीताल : नंदाष्टमी पर इस बार भी नयना देवी मंदिर में नहीं होगी पशुबलि, बकरा ले जाने की इजाजत मिली

नंदाष्टमी से ठीक पहले हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर में पशु बलि पर रोक को कायम रखा है. हालांकि, इस बार नौ सितंबर को होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए हाईकोर्ट ने भक्तों को मंदिर में पूजा के लिए बकरा ले जाने की रियायत जरूर दी है. पिछले साल हाईकोर्ट ने पशु बलि के साथ ही भक्तों के मंदिर परिसर में बकरा ले जाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था.

पर्यटन नगरी नैनीताल इस समय नंदा उत्सव के साथ भक्ति के वातारण में डूबा हुआ है. नौ सितंबर को इसी के तहत नंदाष्टमी मनाई जाएगी. इससे ठीक पहले बुधवार को हाईकोर्ट ने नैनीताल के नयना देवी मंदिर में पशु बलि से संबंधित याचिका को निस्तारित किया.

हाईकोर्ट ने इस मामले में पूर्व में लगाए गए पशु बलि पर प्रतिबंध को कायम रखा है. हाईकोर्ट ने इतनी रियायत जरूर दी है कि भक्त इस बार मंदिर परिसर में बकरा लेकर आ सकते हैं. हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जिला प्रशासन किसी भी हालत में किसी भी व्यक्ति को मंदिर परिसर और मेला परिसर में बलि की अनुमति नहीं देगाय. साथ ही कहा कि पूजा के बाद भक्त बकरे को अपने साथ वापस लेकर जाएगा.

नैनीताल निवासी जगदीश प्रसाद साह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि संविधान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति अपने धर्म की मान्यताओं के अनुसार उपासना का अधिकार रखता है. हमारी परंपरा में देवी की पूजा में बलि प्रथा चली आ रही है, इसलिए हमें अपनी परंपरा का अनुसरण करने दिया जाए.

उन्होंने याचिका में कहा, पुलिस प्रशासन बकरा शहर से बाहर ही रोक देता है, जिस कारण वह अपनी परंपरा का निर्वाह नहीं कर पा रहे हैं. याचिकाकर्ता का कहना था कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों का पालन करने को तैयार हैं, जिसमें सार्वजनिक स्थान पर बलि पर रोक लगाकर स्लॉटर हाउस में बलि देने का उल्लेख है.

डीएम दीपक रावत के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जाएगा. बकरे के मालिक को अपनी फोटो व पहचान पत्र देना होगा और उसका पंजीकरण करना होगा. मंदिर में फोटोग्राफी कराई जाएगी.

राम सेवक सभा और अन्य सामाजिक संस्थाओं व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर प्रक्रिया तय की जाएगी. हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मंदिर परिसर में बलि किसी हालत में नहीं होगी. उन्होंने कहा कि शेष प्रक्रिया बैठक में तय की जाएगी.