हरिद्वार : NH-58 पर गोलीबारी में बुजुर्ग महिला और ड्राइवर घायल, पुलिस ने घटनास्थल पर आने से किया इनकार!

हरिद्वार जिले में बहादराबाद थाना क्षेत्र मंगलवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. बोंगला बाईपास पर कार सवार चार बदमाशों ने एक कार को रोककर पहले तो उसमें बैठी बुजुर्ग महिला और उसके ड्राइवर के साथ मारपीट की और फिर उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. जिसमें वे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए.

वहां से गुजर रही एक युवती ने हिम्मत दिखाते हुए पहले 100 नंबर पर फोन किया और जब वहां से सही जवाब नहीं मिला तो दोनों को खुद ही लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार देकर उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया.

वारदात में लूहलुहान नौरीन दिल्ली में कई स्कूल संचालित करती हैं. नौरीन पिछले तीन दिनों से पतंजली में उपचार कराने आयी हुई थी. मंगलवार देर रात महिला अपने ड्राइवर के साथ अपने भाई को रेलवे स्टेशन छोड़ने गई थी.

वहां से लौटते समय बोंगला बाईपास पर इनकी कार चार अज्ञात कार सवार बदमाशों ने रोकी और मारपीट कर इन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. ड्राइवर सोमपाल का भी कहना है कि हमलावर किसी प्रिंस को पूछ रहे थे. उसका कहना है कि एक लड़की उन्हें अस्पताल लेकर आई है न कि पुलिस.

बुजुर्ग महिला और उसके ड्राइवर को खून से लथपथ देख भी किसी ने वहां रुकने की हिम्मत नहीं की, लेकिन अपनी मां के साथ स्कूटी पर आ रही लाल मंदिर ज्वालापुर की रहने वाली बरखा ने मौके पर रुककर 100 नम्बर पर पुलिस को फोन किया.

बरखा का कहना है कि फोन उठाने वाले पुलिसकर्मी ने उन्हें अपने रिस्क पर अस्पताल ले जाने की बात कही और कहा पुलिस वहीं पर आएगी. जिसके बाद उसने दोनों को भूमानन्द अस्पताल में भर्ती कराया. लड़की का कहना है कि वहां काफी लोग थे, लेकिन किसी ने उन्हें उठाने की हिम्मत नहीं की. अस्पताल पहुंचने के बाद पुलिस भी आ गई थी.

वहीं दोनों को प्राथमिक उपचार देने वाले डॉ. जय का कहना है कि दोनों को गोली लगी हैं, लेकिन दोनों की हालत खतरे से फिलहाल बाहर है. अब दोनों को दिल्ली के अस्पताल रेफर किया जा रहा है.

इस संबंध में एसपी सिटी ममता वोहरा पुलिस का बचाव करती नजर आईं. उनका कहना है कि पुलिस दोनों को तत्काल अस्पताल लेकर आई. उन्होंने बताया कि बोंगला बाईपास पर चार कार सवार बदमाशों ने इन दोनों को गोली मारी है. पूछताछ में मामला रंजिश और संपत्ति विवाद का लग रहा है. दोनों को दिल्ली रेफर करा दिया गया है.

हाइवे पर हुए इस शूट आउट में फिलहाल संपत्ति विवाद ही सामने आया है. लेकिन इस घटना के बाद जनता की सुविधा और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए बनाई गई 100 नंबर सेवा जरूर सवालों के घेरे में आ गई है. अगर पुलिस सूचना देने वाले को ही अपनी जिम्मेदारी पर मौत से लड़ रहे लोगों को अस्पताल पहुंचाने की बात कहेगी तो कोई घटना की सूचना भी पुलिस को देने से पहले कई बार सोचेगा.