हरीश रावत सरकार बिना योजना व नीति के अनर्गल बजट खर्च कर रही है : विजय बहुगुणा

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और अब बीजेपी नेता विजय बहुगुणा का कहना है कि राज्य की वित्तीय स्थिति चरमरा गई है. हरीश रावत सरकार इस पर श्वेत पत्र जारी करें. देश में उत्तराखंड ऐसा अकेला राज्य है, जहां वित्त सचिव की नियुक्ति नहीं की गई है. जिला योजना 2016-17 का प्लान ही नहीं बना है.

उन्होंने कहा कि बिना योजना व नीति के राज्य सरकार अनर्गल बजट खर्च कर रही है. उन्होंने कहा कि हरीश रावत केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हैं कि पैसा नहीं मिल रहा है. नीति आयोग और वित्त आयोग ने जो मानक तय किए हैं, उसके अनुसार उत्तराखंड के साथ ही सभी राज्यों को उसके हिस्से का पैसा मिलता है.

मोदी सरकार पूर्व की यूपीए सरकार से ज्यादा अनुपात में केंद्रीय आर्थिक सहायता दे रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र से तालमेल बनाकर ही राज्य का विकास संभव है. हरीश रावत केंद्र पर निराधार आरोप लगाकर अपने संबंध खराब कर चुके हैं.

केंद्र से सहायता इसलिए नहीं ले रहे कि कहीं बीजेपी को इसका श्रेय न मिल जाए. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में आई आपदा के बाद विश्व बैंक और एडीबी ने 25 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे. लेकिन, अब तक हरीश रावत सरकार 20 प्रतिशत पैसा खर्च नहीं कर सकी है. हरीश रावत और उनके मंत्रियों की दिलचस्पी ठेका, अवैध खनन और भू प्रयोग बदलने में है. कोई भी मंत्री अपनी विधानसभा से बाहर नहीं जा रहा है.

उन्होंने कहा कि हरीश रावत विकास नहीं चाहते हैं. वह असंतोस फैलाना चाहते हैं, ताकि इसका ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ सकें. बहुगुणा ने कहा कि हरीश रावत अपनी नाकामी छिपाने के लिए चुनाव टालना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि बीजेपी जल्द ही हिसाब दो, जवाब दो के जरिए बड़े स्तर पर कांग्रेस के भ्रष्टाचार और नाकामियों को उजागर करेगी. सितारगंज में विकास के नाम पर नाटक हो रहा है. नगर पालिका को जो धनराशि स्वभाविक रूप से मिलनी चाहिए, उसको रोका जा रहा है.

ताकि बाद में कांग्रेस के लोग मुख्यमंत्री के पास जाकर वही पैसा देकर श्रेय लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले दस विधायकों को परेशान किया जा रहा है.