महासू देवता के प्रागंण में जागड़ा पर्व की धूम, मुख्यमंत्री हरीश रावत भी हुए शामिल

जौनसार-बावर क्षेत्र में जागड़ा पर्व शुरू हो गया है. लखस्यार गांव स्थित महासू देवता मंदिर में रविवार को जागड़े की धूम रही. महासू देवता की पालकी सुबह मंदिर प्रांगण में लाई गई, जहां से पारंपरिक गाजे बाजे के साथ उन्हें देवस्नान को ले जाया गया.

देवस्नान के बाद पालकी मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी गई, जहां पर पालकी को भक्तों द्वारा अपने कंधों पर नचाया गया. मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी रविवार को लख्सयार कालसी स्थित महासू देवता के प्रागंण में आयोजित जागड़ा पर्व के वार्षिक उत्सव में भाग लिया.

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के प्रसिद्ध महासू देवता मन्दिर परिसर में आयोजित जागड़ा पर्व में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महासू देवता से राज्य की प्रगति व खुशहाली के लिए प्रार्थना की. मुख्यमंत्री मन्दिर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं से मिले तथा देवडोली के दर्शन किए. इस मौके पर मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया. शाम को महासू व चालदा देवता की स्तुति में जागरण आयोजित किया गया.

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महासू-चालदा जागड़ा पर्व में खत फरटाड़ के सभी गावों के अलावा बहलाड़, जौनपुर की सिलवाड़ पट्टी के ग्यारह गांव तथा अठज्यूला, सिलगांव, विकासनगर, देहरादून, चकराता, नागथात आदि क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु वहां पहुंचे. भक्तों ने महासू व चालदा देवता से अपने परिवार की खुशहाली व सुरक्षा की मनौतियां मांगी.