पीएम मोदी ने जी20 सम्मेलन से इतर की शी चिनफिंग से मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

हांगझोउ।… भारत और चीन के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की. दोनों देशों के बीच मतभेद का विषय बने मुद्दों में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा भी शामिल है, जो पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है.

जी 20 के नेताओं की बैठक से इतर मोदी और शी के बीच की यह बैठक रविवार सुबह हांगझोउ वेस्ट लेक स्टेट गेस्टहाउस में हुई.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, ‘हांगझोउ में पहली बैठक मेजबान के साथ हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की.’ दोनों नेताओं के बीच यह बैठक कई विवादित मुद्दों की पृष्ठभूमि में हुई है. इन मुद्दों में पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को संयुक्त राष्ट्र में सूचीबद्ध किए जाने, चीन द्वारा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता रोकी जाने और 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मुद्दा शामिल है.

इन दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात ताशकंद में जून में आयोजित हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान हुई थी. इनकी अगली बैठक अगले माह गोवा में आयोजित होने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होगी.

चीन भी भारत और अमेरिका के करीबी संबंधों और हाल ही में दोनों देशों के बीच किए गए साजो सामान संबंधी सैन्य समझौते (एलईएमओए) को लेकर चिंतित रहा है. यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं को आपूर्ति एवं मरम्मत के लिए एक दूसरे के प्रतिष्ठानों तक पहुंच बनाने का अधिकार देता है. बैठक के बाद दोनों नेता जी20 सम्मेलन से पहले ब्रिक्स के नेताओं की बैठक में शिरकत करेंगे. इस बैठक में जी 20 के लिए उनकी रणनीति तय की जाएगी.

पीएम मोदी हनोई में अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करके शनिवार रात को हांगझोउ पहुंचे थे. वह अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष मैलकॉम टर्नबुल और सउदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे.

वह यहां शुरू होने वाले दो दिवसीय जी20 सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इस सम्मेलन का मूल विषय ‘विकास के लिए नीति समन्वय मजबूत करना और एक नया रास्ता तलाशना’ है.

सोमवार को वह जी20 के दूसरे एवं अंतिम सत्र में हिस्सा लेंगे और ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरेसा मे एवं अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मॉरिसियो मैक्री से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

अधिकारियों ने कहा कि इस यात्रा के दौरान मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच बैठक का कोई कार्यक्रम नहीं है.