पतंजलि ने किया वैदिक बोर्ड का गठन, भारतीय संस्कृति-सभ्यता और संस्कृति का पाठ पढ़ाया जाएगा

हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ द्वारा खोले गए आचार्यकुलम के बाद अब पतंजलि देशभर में आचार्यकुलम खोलने की तैयारी कर रहा है. इन आचार्यकुलम में वैदिक संस्कृति, सभ्यता और संस्कृत के प्रचार के लिए पतंजलि ने वैदिक बोर्ड का गठन भी कर लिया है.

पतंजलि को इसके संचालन के लिए अब केंद्र सरकार की अनुमति की जरूरत है. गुरुवार को गुरुकल कांगड़ी विश्वविद्यालय में शुरू हुए संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ करने पहुंचे पतंजलि के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने इसकी जानकारी दी.

गुरुकल पहुंचे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संस्कृत से संस्कृति और समाज है. संस्कृत का उत्थान होने से देश का उत्थान होगा. संस्कृत और संस्कृति को आगे बढ़ने के लिए आचार्यकुलम स्थापित किया गया है. वैदिक संस्कृति, संस्कृत को आगे बढ़ने के लिए वैदिक बोर्ड की स्थापना की गई है. अब बस केंद्र सरकार से इसकी अनुमति मिलनी बाकी है. जिसके बाद देशभर में आचार्यकुलम की स्थापना का काम तेजी से शुरू होगा.

गुरुकल कांगड़ी के कुलपति सुरेंद्र कुमार का कहना है कि गुरुकल की स्थापना भारतीय संस्कृति और संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए की गई थी. इसी पर गुरुकल चल रहा है. संस्कृत विभाग में एक सभागार का निर्माण किया गया है. एक सप्ताह तक संस्कृत सप्ताह चलेगा, जिसमें संस्कृत में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी.