haldwani: राजकीय प्रधानाचार्य एसोसियेशन के प्रथम मण्डलीय द्विवार्षिक अधिवेशन का शुभारम्भ

राजकीय प्रधानाचार्य एसोसियेशन उत्तराखण्ड के तत्वाधान में आयोजित प्रथम मण्डलीय द्विवार्षिक अधिवेशन का शुभारम्भ डा0 श्रीमती इन्दिरा हृदयेश वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर किया.

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वित्त मंत्री डा0 हृदयेश ने कहा कि शिक्षा के बिना विकास की परिकल्पना भी नही की जा सकती, शिक्षा के जरिये विकसित समाज व राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है.

उन्होने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में हम बच्चो से विमुख होते जा रहे है तथा उनको पर्याप्त समय नही दे पा रहे है, जिससे बच्चे आधुनिक शिक्षा के बावजूद आगे नही बढ पा रहे है. प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ ही व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है. माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चशिक्षा तक छात्र-छात्राओं को व्यवसायिक पाठयक्रम भी पढाये जा रहे है, जिससे वे रोजगार के साथ ही स्वरोजगार से आजीविका अर्जित कर सकें.

उन्होनें समस्त प्रधानाचार्यों से कहा कि वे विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार करें, जिससे बच्चों को शिक्षा भार ना लगकर उत्साहवर्द्धक लगे. विद्यालयों में शिक्षा के अतिरिक्त अन्य ज्ञानवर्द्धक गतिविधियां सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं, खेलकूद, आउटिंग टूर, शारीरिक शिक्षा आदि भी करायी जायें, जिससे बच्चे विद्यालयों से ड्राप आउट न करें.

उन्होनें कहा कि शिक्षा पाठ्यक्रम निर्धारण में प्रधानाचार्यों को भी प्रतिनिधि स्वरूप शामिल किया जाता है, अतः प्रधानाचार्य भी शिक्षकों से छात्र-छात्राओं के लिए उपयोगी पाठ्यक्रम की जानकारी हासिल कर चिन्तन मनन कर पाठ्यक्रम निर्धारण समितियों को सुझाव दें, जिससे पाठ्यक्रम गुणात्मक विकास वाला हो. शिक्षा को रोचक एवं रोजगारपरक बनाना होगा। स्कूलों में ऐसा वातावरण तैयार हो कि छात्र-छात्राएं विद्यालय की श्रेष्ठता की दृष्टि से विद्यालय में आये.

उन्होनें कहा कि शिक्षा किसी भी देश व प्रदेश के विकास की रीड होती है. शिक्षा से जहाँ मनुष्य का व्यवहारिक वातावरण उच्च होता है वहीं यह आगामी जीवन में रोजगार प्राप्त करने में सहायक होती है. भारत के लोगों के ज्ञान की महत्ता देश प्रदेश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी है. ऐसे में शिक्षक समुदाय की समस्याओं का निराकरण करना सरकार की प्रामिकता है.

कार्यक्रम में अध्यक्ष उत्तराखण्ड प्रधानाचार्य एसो. सुरेन्द्र सिह विष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी हीरा लाल गौतम, खण्ड शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, त्रिलोचन उपाध्याय, देवकी आर्या, केपीएस अधिकारी, विनोद जोशी, सुरेन्द्र रौतेला, राजीव लोचन सिह, नीलम नेगी, शाइस्ता जमाल, निर्मला जोशी, महेश जोशी, किशोर पंत के अलावा कुमायूं क्षेत्र के प्रधानाचार्य उपस्थित थे.