पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह क्षेत्र के लिए खतरा : अमेरिका

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि पाकिस्तान के अंदर और अफगानिस्तान से लगी सीमा पर अपनी गतिविधियां चलाने वाले हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकी गुट पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र और उससे आगे के लिए भी खतरा हैं. डॉन ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने संवाददाताओं से कहा, ‘हक्कानी नेटवर्क एवं अन्य आतंकी गुट, जो पाकिस्तान में और अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में अपनी गतिविधियां चला रहे हैं, उनके कारण पैदा हुए सुरक्षा खतरे को हम सभी स्वीकार करते हैं.’

अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘स्वाभाविक है कि पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) को इसके बारे में अच्छी तरह से जानकारी है. हम क्षेत्र के अपने साझीदारों के साथ बातचीत कर रहे हैं और बातचीत जारी रखेंगे. मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि हम लोग जिस रूप में इसे देख रहे हैं, उसमें कोई भी मतभेद है.’

किर्बी ने कहा कि अमेरिका की पाकिस्तानी साझेदारों से हक्कानी एवं अन्य आतंकी गुटों से उस क्षेत्र में खतरे को लेकर लगातार बातचीत होते रहती है. निश्चित रूप से इन गुटों का संचालन पाकिस्तान के अंदर से होता है. हम नियमित रूप से इस तरह के फैसले लेते हैं और इनका आधार पाकिस्तानी नेताओं से हमारी अच्छी बातचीत पर आधारित होता है.

डॉन ऑनलाइन ने किर्बी के हवाले से कहा, ‘मुझे किसी मतभेद की जानकारी नहीं है. मेरा मानना है कि सभी जिस नजरिए से देख रहे हैं, अमेरिकी सरकार भी उसी तरह देख रही है.’

किर्बी ने कहा कि विदेश मंत्री जॉन केरी ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ के साथ इस मुद्दे पर कई बार विचार-विमर्श किया है.

इससे पहले पेंटागन में एक ब्रीफिंग के दौरान भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कश्मीर घाटी में मौजूदा परेशानी के लिए भारतीय दृष्टिकोण रखते हुए दावा किया था कि इसका मुख्य कारण है कि पाकिस्तान आतंकियों का इस्तेमाल करता है. इस आरोप को पाकिस्तान ने खारिज कर दिया था.

रक्षा मंत्री एश कार्टर ने भारत के कथन का खंडन नहीं किया और कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकी गुटों ने भारतीय नागरिकों एवं सेना, दोनों को निशाना बनाया है.