उत्तराखंड में डेयरी उत्पादों के विकास के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिए अहम निर्देश

उत्तराखंड डेयरी विकास सलाहकार परिषद् की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हमारे उत्पादों की मांग देश के अन्य राज्यों में बढ़े इसके लिए व्यवसायिक दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्ययोजना बनाई जाए.

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी उत्पादों के लिए एकीकृत केन्द्र के रूप में देश के प्रमुख शहरों में विक्रय केन्द्र खोले जाने की योजना बनाई जाए. उन्होंने दुग्ध सहकारी संस्थाओं की संख्या एक हजार तथा सदस्यों की एक लाख तक बढ़ाने की भी बात कही.

उन्होंने दुग्ध उत्पादन के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण देने, उन्हें चीज बनाने की छोटी मशीन उपलब्ध कराने के साथ ही 4-6 चीज बनाने की मशीनें खरीदने के भी निर्देश दिए. उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से देहरादून स्थित प्लांट में दुग्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने दुग्ध विकास एवं पशुपालन के लिए तीन साल की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है. इसके लिए कार्यशील पूंजी के लिए नाबार्ड के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए. दुग्ध विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टार्टअप के रूप में एमएसएमई पॉलिसी के तहत इसे जोड़ा जाए.

दुग्ध समितियों व महिला समितियों के कलस्टर तैयार कर उन्हें चीज बनाने की मशीन उपलब्ध करायी जाए. दुग्ध उत्पादों के विक्रय के लिए अमूल व मदर डेरी से समन्वय बनाने के साथ ही लखनऊ, दिल्ली व मुम्बई में विक्रय केन्द्र स्थापित किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिए हैं.