IIT रुड़की के छात्रों का कमाल, अब जूते-चप्पल के दबाव से बनेगी बिजली

आईआईटी रुड़की के मैकेनिकल एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के पीएचडी के छात्रों ने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जो दबाव से ऊर्जा उत्पन करेगा और इस तकनीक से बिजली पैदा होगी.

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी रुड़की) के सेंटर ऑफ नैनो टेक्नोलॉजी और यांत्रिक एवं औद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग के सह प्राध्यापक कौशिक पाल और उनकी टीम ने इसे तैयार किया है.

उन्होंने एक ऐसा नैनो जनरेटर डिवाइस तैयार किया है, जिसे आसानी से जूते में लगाया जा सकता है. इस डिवाइस में पैर के दबाव से पैदा हुई ऊर्जा का संचय होगा. इसमें इतनी बिजली होगी कि 10 वाट का एक एलईडी बल्ब रोशन हो जाएगा. इस नैनो जनरेटर को फुटपाथ साइकिल, जूते और वाहनों के टायरों में लगाया जा सकता है.

यह डिवाइस डेढ़ से ढाई इंच का है और 500 रुपये के मामूली खर्च पर तैयार किया गया है. प्रोफेसर कौशिश पाल का कहना है कि यह डिवाइस एक केमिकल की मदद ले पॉलीमार एवं कार्बन के मिक्षण से तैयार किया गया है.

ये डिवाइस भविष्य में दो मकानों को घटों बिजली दे सकता है और बिजली बचत के साथ-साथ गांवों में रहने वाले लोगों को इसका फायदा मिलेगा.

वहीं आईआईटी की शोध छात्रा नवजोत कौर का कहना है कि इस डिवाइस को लेकर शोध जारी है और इस डिवाइस से कितना अधिक बोल्ट तैयार किया जा सकता इस पर लगातार शोध किया जा रहा है. जल्द ही यह डिवाइस बनकर तैयार हो जाएगी, जिससे आम जनता के साथ-साथ पहाड़ों पर रहने वालों लोगों को इसका अधिक फायदा मिल सकता है.