रियो ओलंपिक : फाइनल में पहुंची पीवी सिंधु, बैडमिंटन में सिल्वर मेडल पक्का, गोल्ड की भी उम्मीद

रियो डी जनेरियो।… अपना पहला ओलंपिक खेल रहीं भारत की अग्रणी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने ब्राजील की मेजबानी में खेले जा रहे ओलंपिक खेलों में गुरुवार को महिला एकल वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया. इसी के साथ उन्होंने भारत को बैडमिंटन में पहला ओलंपिक स्वर्ण हासिल करने की उम्मीद जगा दी.
रियोसेंटर पवेलियन-4 में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधु ने छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जापान की निजोमी ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-19, 21-10 में हराकर जीत हासिल करते हुए फाइनल का टिकट पक्का कर लिया.

फाइनल में सिंधु का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त स्पेन की कैरोलिना मारिन से होगा. सिंधु अब अगर फाइनल मैच हार भी जाती हैं तो उनका सिल्वर मेडल पक्का है, जो भारत का ओलंपिक में बैडमिंटन का पहला सिल्वर होगा.

सिंधु ने पहले गेम में जबरदस्त प्रदर्शन किया और 10-6 की बढ़त ले ली. ओकुहारा ने इसके बाद संघर्ष किया और अंकों के अंतर को कम करने की कोशिश की. लेकिन सिंधु ने उनकी लाख कोशिशों के बावजूद भी आगे नहीं निकलने दिया. ओकुहारा एक अंक लेतीं तो सिंधु तुरंत वापसी कर लेतीं. इसी बीच सिंधु 17-14 से आगे थीं.

पहले गेम में सिंधु ने हालांकि कुछ गलतियां की और कई बार शॉट बाहर खेल बैठीं, लेकिन गेम के अंत में उन्होंने अपनी गलती को सुधारा और 27 मिनट में गेम 21-19 से अपने नाम किया.

दूसरा गेम सिंधु के अटूट आत्मविश्वास का गवाह बना. उन्होंने दूसरे गेम की शुरुआत अच्छी नहीं की और वह शुरुआत में ही 0-3 से पीछे हो गईं. 10वीं विश्व वरियता प्राप्त सिंधु ने इसके बाद 5-5 से बराबरी हासिल की.

बराबरी के बाद ओकुहारा ने एक बार फिर 7-5 की बढ़त ले ली, लेकिन सिंधु ने तुंरत दो अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से फिर बराबर कर लिया. यहां से दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष शुरू हुआ जो 8-8 से होते हुए 10-10 तक पहुंचा.

यहां से सिंधु ने विश्व स्तर का खेल दिखाया और जापानी खिलाड़ी को एक भी अंक नहीं लेने दिया. सिंधु ने चौंकाने वाली वापसी की और लगातार 11 अंक हासिल कर 21-10 से मैच जीत लिया. यह गेम 22 मिनट चला.

सिंधु ने इसी के साथ इतिहास रचते हुए ओलंपिक खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनने की उपलब्धि हासिल कर ली.