कांग्रेस ने हरदा से भ्रष्टाचार के सभी मामलों की न्यायिक जांच कराने मांग की

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत से राज्य गठन से लेकर अब तक सामने आए भ्रष्टाचार और घोटालों के विभिन्न मामलों की न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए राज्य की जनता के सामने शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत करने को कहा.

मुख्यमंत्री हरीश रावत को लिखे एक पत्र में उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के पदचिन्हों का अनुसरण करने वाली पार्टी होने के साथ ही उनकी विरासत की वाहक और हकदार भी है और इसलिए वह समाज में पनप रहे भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं कर सकती.

साल 2000 में राज्य गठन से लेकर अब तक के 16 सालों के अल्पकाल में घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार के मामलों के लगातार प्रकाश में आने से राज्य की छवि के धूमिल होने की बात कहते हुए उपाध्याय ने कहा, ‘अब राज्य में कांग्रेस की सरकार है और हमारी सरकार को इस संबंध में समय रहते ठोस निर्णय लेकर उपरोक्त अवधि के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीश को सौंपकर जनता के सामने शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए.’

इस संबंध में उपाध्याय ने रावत को याद दिलाया कि भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के मामलों को वह राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्यपाल एवं उससे पहले उनके संज्ञान में भी लाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने तथा मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति शासन के दौरान 18 अप्रैल को राज्यपाल से इस संबंध में हाईकोर्ट के न्यायाधीश के माध्यम से भ्रष्टाचार के सभी प्रकरणों की जांच की मांग की थी.

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस संबंध में राज्य की संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्तियों में हो रही देरी का भी मसला उठाया और कहा कि इससे राज्य के प्रबुधजनों एवं समाज के विभिन्न वर्गों में यह राय बन रही है कि इसी वजह से भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में लोकायुक्त संस्था का गठन भी नहीं हुआ है और बीजेपी ने इस विषय को एक बडा मुद्दा बनाया हुआ है.

उपाध्याय ने कहा कि मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति में हो रहे विलंब के कारण भी इन संवैधानिक संस्थाओं के गठन के उद्देश्य की प्राप्ति नहीं हो रही है और इसलिये इस संबंध में भी तुरंत निर्णय लिया जाना चाहिए.